भोपाल कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को निशुल्क इलाज दिलाने के लिए सरकार ने आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पतालों को विशेष पैकेज दिया है। मकसद यही है कि मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज मिले, इसलिए संबद्ध अस्पतालों की जांच की जाए। साथ ही यह भी देखा जाए कि किसी मरीज को अनावश्यक भर्ती न रखा जाए। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर टीके लगाए जाएं। यह निर्देश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना नियंत्रण और व्यवस्थाओं की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करते हुए दिए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि संक्रमण की रोकथाम के लिए किल कोरोना अभियान प्रभावी रूप से जारी रहे। कोई भी सर्दी, जुकाम या खांसी का मरीज छूटना नहीं चाहिए। सबका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। अनलॉक में जांच कम नहीं होनी चाहिए। हर मरीज के संपर्क में आए लोगों की भी जांच की जाए। कोविड अनुरूप व्यवहार को हमारी दिनचर्या का अनिवार्य अंग बनाया जाए। इस दौरान प्रभारी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
एक हजार से भी कम प्रकरण
प्रदेश में कोरोना के प्रकरण एक हजार से कम हो गए हैं। बुधवार को 901 नए प्रकरण आए हैं जबकि 4,113 मरीज स्वस्थ हुए हैं। अब सक्रिय प्रकरणों की संख्या घटकर 17 हजार 136 हो गई है। सात दिन की औसत संक्रमण दर दो प्रतिशत है। साथ ही चार ही जिले ऐेसे रह गए हैं, जहां कोरोना के नए प्रकरण 20 से ज्यादा हैं। इनमें इंदौर 338, भोपाल 191, जबलपुर 83 और ग्वालियर में 29 नए प्रकरण आए हैं। प्रदेश में 6,729 कोविड मरीज अस्पतालों में हैं जबकि 10,407 मरीज होम आइसोलेशन में हैं।
24 जिलों में एक फीसद से कम हुई साप्ताहिक संक्रमण की दर
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 24 जिलों में साप्ताहिक संक्रमण की दर एक फीसद से कम रह गई है। जबकि, 27 जिलों में साप्ताहिक संक्रमण की दर पांच प्रतिशत तक है। इनमें सतना, छतरपुर, गुना, नरसिंहपुर, बड़वानी, हरदा, शिवपुरी, कटनी, छिंदवाड़ा, शाजापुर, डिंडोरी, सिंगरोली, मंडला, भिंड, आगर-मालवा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, उमरिया, दतिया, टीकमगढ़, अलीराजपुर, शहडोल और मंदसौर में जिले शामिल हैं।
कोविड अनुरूप व्यवहार के लिए मॉडल बने इंंदौर
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि इंदौर की आज संक्रमण की दर (पॉजिटिविटी रेट) 3.3 प्रतिशत आ गई है। जबकि, सात दिन की औसत संक्रमण की दर 5.5 फीसद है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोविड अनुरूप व्यवहार के लिए इंदौर देश में मॉडल बने, इसके लिए प्रयास किए जाएं। वहीं, भोपाल में कोरोना जागरूकता के लिए प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग के नेतृत्व में किए जा रहे कोरोना सुरक्षा दल के कामों की उन्होंने सराहना करते कहा कि अन्य जिलों में भी इस तरह का प्रयोग किया जाए।

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