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प्रदेश में 63 प्रतिशत आबादी पिछड़ा वर्ग की है आखिर भर्ती में पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 27 फीसदी आरक्षण कब मिलेगा ?

                                            ओबीसी महासभा के पदाधिकारी नारेबाजी करते हुए।
 

प्रदेश में 63  प्रतिशत आबादी पिछड़ा वर्ग की है फिर भी पिछड़ा वर्ग को संख्या के हिसाब से आरक्षण नहीं दिया जा रहा। पिछले दिनों प्रदेश में हुई शिक्षक भर्ती में भी ओबीसी के चयनित अभ्यर्थियों को 27 प्रतिशत का लाभ नहीं दिया गया।जबकि भर्ती के विज्ञापन में 27 प्रतिशत के हिसाब से पदों का रोस्टर बनाया गया था। आओबीसी समाज संगठन ने कलेक्टोरेट में ज्ञापन सौंपते हुए मांग रखी कि प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियो को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।

जिला अध्यक्ष प्रकाश रावत और ओबीसी यूनाइटेड फ्रंट के जिलाध्यक्ष एडव्होकेट रामस्वरूप बघेल ने बताया कि शासन द्वारा जारी आंकड़ो के अनुसार वर्तमान में मप्र में लगभग 63 प्रतिशत आबादी अन्यपिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की निवासरत है।प्रदेश के मुखिया भी ओबीसी वर्ग से ही संबंध रखते है। समान परिस्थितियों के बाबजूद भी ओबीसी वर्ग के युवाओ और छात्र- छात्राओं के हितों पर सत्ता प्रशासन में बैठे अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा लगातार कुठाराघात किया जा रहा है।

और प्रदेश के एक बहुत बड़े तबके, लगभग आधी जनसंख्या वाले वर्ग के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है इसलिए वर्ष 2021 में होने वाली जनगणना में जातिगत जनगणना करवाने आवश्यक कार्रवाई करें। शिक्षक पात्रता भर्ती और अन्य परीक्षाओं में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करें। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की भर्ती में 27 प्रतिशत की जगह 6 प्रतिशत आरक्षण दिया है। ओबीसी वर्ग के छात्रों की छात्रवृति राशि में लगातार कटौती की जा रही है। छात्रों को वाजिब छात्रवृत्ति दिलवाने निर्देश जारी करें। बाढ़ के दौरान मृत आवेदकों के परिवारों को रुपए राशि 1 करोड़ और परिवार के किसी एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाए।

ज्ञापन सौंपने वालों में ओबीसी महासभा की प्रदेश अध्यक्ष सीमा शिवहरे, जिलाध्यक्ष प्रकाश रावत, ओबीसी यूनाइटेड फंरट के जिलाध्यक्ष एडव्होकेट रामस्वरूप बघेल, एडवोकेट मानसिंह कुशवाह, इंजीनियर गिर्राज दुल्हारा, प्रकाश पाल, केपी वर्मा जिला संयोजक कर्मचारी मोर्चा, मोटी बाथम, रेखा शिवहरे, किरण बघेल, अमित धाकड़, पवन योगी, हरकिशोर वर्मा, जनवेद वर्मा, पुरुषोत्तम धाकड़, आशीष धाकड़ आदि मौजूद थे।

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