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ग्वालियर : 15 लाख के लालच में साले की हत्या



 ग्वालियर में दादा की हादसे में मौत के बाद मिले 15 लाख रुपए पर दामाद लालच में आ गया। उसने साले को घुमाने के बहाने जंगल में ले गया और उसकी गला घोंट कर हत्या कर दी। साले के मोबाइल से परिवार वालों को फोन करके 5 लाख रुपए फिरौती मांगी। फिरौती की मांग आते ही अफसर अलर्ट हुए और छात्र का सुराग लगाने के लिए क्राइम ब्रांच और भितरवार थाना पुलिस की दो टीमें बनाईं। पड़ताल में जुटी टीमों ने मात्र कुछ ही घंटों में किशोर का शव बरामद कर आरोपी को दबोच लिया है। घटना भितरवार थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 9 रावत कॉलोनी की है। आरोपी बुआ का दामाद है।

सट्टे का कर्ज चुकाने के लिए रचा था षड्यंत्र
ग्वालियर के भितरवार से दो दिन पहले एक 17 साल के युवक पुष्पेंद्र रावत अचानक गायब हो गया। परिजनों ने थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। गुमशुदगी की जांच के दौरान पता चला कि पुष्पेंद्र को आखिरी बार उसके जीजा दिनेश रावत के साथ देखा गया था। पुलिस ने जब दिनेश को पकड़ कर पूछताछ की तो वह कुछ स्पष्ट नहीं बता पाया, जिसके बाद पुलिस को उस पर शक हुआ और उससे पुलिसिया अंदाज में सबूतों के साथ पूछताछ शुरू हुई यो वह टूट गया। उसने पुलिस को बताया कि उसके ऊपर सट्टे के चलते कर्ज हो गया था। इस कर्ज को चुकाने के लिए उसने पुष्पेंद्र का अपहरण किया था ताकि फिरौती वसूल कर कर्ज चुका सकूं।

मांगी फिरौती, पहचाने जाने के डर की हत्या
दिनेश ने अपने साले का अपहरण करने के बाद उसके परिवारवालों से फिरौती की मांग भी की, लेकिन उसे यह डर भी था कि पुष्पेंद्र जैसे ही परिजनों के पास पहुंचेगा सबको बता देगा कि उसका अपहरण किसने किया था। इसी के चलते दिनेश ने अपने साले को गला घोंट कर मार डाला और लाश पटी घाटी के जंगल में फेंक दी, ताकि उसे जंगली जानवर खा जाएं और किसी को कुछ पता भी न चले। पुलिस ने दिनेश की निशानदेही पर रात को जंगल से लाश बरामद कर ली है।

पहचान उजागर होने के डर से की हत्या
सतनवाड़ा थाना प्रभारी अरविंद छारी भितरवार से एक नाबालिग का अपहरण उसके जीजा ने फिरौती के लिए कर लिया था, ताकि सट्टे का कर्ज चुका सके। पहचाने उजागर होने के डर से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और लाश पटी घाटी के जंगल में फेंक दी। जिसे रात को भितरवार पुलिस के साथ जंगल सर्च कर बरामद कर लिया है।

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