शिवपुरी - शिवपुरी के करमाजकलां गांव निवासी एक गर्भवती ने सुरक्षित प्रसव के लिए नदी पार करने का खतरा उठाया और किसी तरह एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंची, ताकि संस्थागत सुरक्षित प्रसव ही सके, परंतु अव्यवस्थाओं के चलते प्रसूता को स्ट्रेचर नहीं मिल पाया और अस्पताल पहुंचने के बाद भी उसे असुरक्षित प्रसव कराना पड़ा। प्रसूता ने जमीन पर लाड़ो को जन्म दिया।
करमाजकलां निवासी राजकुमारी पत्नी धीरन कुशवाह को सोमवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों ने एंबुलेंस को कॉल किया। बारिश के कारण एंबुलेंस महिला के घर तक नहीं पहुंच पाई। ऐसे में गर्भवती ने परिजनों के साथ कमर तक पानी में होकर नदी को पार किया, ताकि अस्पताल पहुंच जाए। वह किसी तरह 11 बजे अस्पताल पहुंची। अस्पताल में उसे मैटरनिटी विंग तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिली।
परिजन स्ट्रेचर के लिए यहां-वहां भटकते रहे तभी ट्रॉमा सेंटर के खुले हॉल में ही राजकुमारी का प्रसव कराना पड़ा। यहां परिजनों ने खुले में ही राजकुमारी का प्रसव कराया। इसके बाद अस्पताल का स्टॉफ राजकुमारी को व्हील चेयर पर अंदर ले जाया गया। बताया जा रहा है कि राजकुमारी का अधिक रक्त वह जाने के कारण उसे चार घंटे तक ओवजर्वेशन में रखा गया।
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार ऋषिस्वर ने बताया कि यह गलत है कि वहां स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं रहते। स्ट्रेचर हैं, लेकिन स्टॉफ की कमी है। प्रसूता आने में लेट हुई होगी इस कारण उसका प्रसव वहां हुआ होगा।
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