ग्वालियर महानगर में डेंगू के प्रकोप से राहत नहीं मिल रही है। हालांकि कोरोना मरीजाें के सैंपल की जांच कम होने के कारण शुक्रवार को डेंगू के मरीज कम मिले हैं। त्योहार के चलते जिला अस्पताल मुरार में शुक्रवार को डेंगू के सैंपल नहीं लिए गए इससे जांच नहीं हो सकी, जबकि गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय की माइक्रोबायोलॉजी लैब में शुक्रवार को 56 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की गई, 27 मरीज डेंगू पीड़ित मिले हैं। इनमें 16 मरीज ग्वालियर के हैं। 16 में 4 वर्षीय एक बच्चा भी शामिल है, जो केआरएच में डेंगू के उपचार के लिए भर्ती है। बच्चा थाटीपुर का रहने वाला है।
16 में से 14 मरीज ऐसे हैं जिनकी उम्र 18 साल से कम है। ग्वालियर में अब तक 1762 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। इनमें से अब तक 5 की मृत्यु हो चुकी है। उधर डेंगू के मरीजों को लाल दाने निकल रहे हैं। इसकी शिकायत मरीज डॉक्टरों से कर रहे हैं। जयारोग्य अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डॉ. अजयपाल सिंह का कहना है कि डेंगू पीड़ित मरीज की प्लेटलेट गिरती हैं। डेंगू के मरीजों का ब्लड गाढ़ा हो रहा है, इससे प्लॉजमा का रिसाव होता है।
इस कारण शरीर में लाल चकत्ते पड़ने लगते हैं कई मरीज डॉक्टर की सलाह के बिना पपीते के पत्तों का रस और बकरी का कच्चा दूध पीने लगते हैं। पपीते के पत्ते का रस पीने से प्लेटलेट बढ़ने के मेडिकली कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। यदि बकरी के दूध का सेवन करना ही है तो इसे उबाल कर ही सेवन करें।
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