शिवपुरी जिले के कोलारस थाना परिसर में वायरल हुए वीडियो और दोनों पक्षों के विवाद का मामला अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गया है। बुधवार को अमन रावत पक्ष ने थाने में मारपीट, एफआईआर दर्ज नहीं करने और वीडियो बनाने से रोकने के आरोप लगाए थे। अब गुरुवार को दूसरा पक्ष भी एसपी कार्यालय पहुंचा और अपने साथ मारपीट के वीडियो लेकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
रामाबसई निवासी संतान रावत ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि 29 जून को वह अपनी पत्नी का करीब एक तोला मंगलसूत्र गिरवी रखने और पैसों का इंतजाम करने शिवपुरी आया था। आरोप है कि टेकरी क्षेत्र में अमन रावत, राहुल रावत, छोटू रावत, सोमवती रावत, राशिका, खोंकर निवासी अमन और बामौर निवासी विवेक रावत सहित अन्य लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसकी जेब से मंगलसूत्र व 20 हजार रुपये छीन लिए। इस घटना की शिकायत उसने कोतवाली थाने में की थी, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने का आरोप लगाया है।
आगे बताया गया है कि 30 जून की शाम वह अपनी पत्नी और बड़े भाई के साथ रिश्तेदार के यहां से लौट रहा था। इसी दौरान खोंकर स्थित मुर्गा फार्म के पास आरोपियों ने उनका रास्ता रोक लिया और कोतवाली में शिकायत करने की बात कहते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया। संतान रावत का कहना है कि इस हमले का वीडियो भी उनके पास है, जिसे उन्होंने पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराया है।
संतान रावत ने बताया कि इस मारपीट के मामले में कोलारस थाने में एफआईआर क्रमांक 229/2026 दर्ज है। उन्होंने एसपी से शिकायत में मांग की है कि आरोपियों पर जानलेवा हमले से संबंधित धारा बढ़ाई जाए, 29 जून की कथित छीनाझपटी की घटना में भी एफआईआर दर्ज की जाए, सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए तथा उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही आरोप लगाया कि आरोपी समझौते का दबाव बना रहे हैं और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले अमन रावत पक्ष ने भी एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की थी। उनका आरोप था कि रिश्तेदारों से हुए विवाद के बाद जब वे शिकायत दर्ज कराने कोलारस थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की और उनके साथ मारपीट की। इसी दौरान छोटे भाई द्वारा वीडियो बनाए जाने पर प्रधान आरक्षक मदन मोहन सिंह द्वारा मोबाइल छीनने का प्रयास किए जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

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