शिवपुरी के बैराड़ के जोराई गांव के पास से बैराड़ तहसीलदार द्वारा अवैध खनन करके आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त करके जब बैराड़ लाया जा रहा था। तभी रास्ते में खनन माफिया तहसीलदार के ड्राइवर की मारपीट कर ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ाकर ले गए। मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई है।
ट्रैक्टर ड्राइवर के पास नहीं थी कोई रॉयल्टी
मंगलवार की दोपहर बैराड़ तहसील पर पदस्थ नायब तहसीलदार विजय शर्मा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ गाजीगढ़ निरीक्षण पर गए थे। जब वह लौट कर वापस पोहरी आ रहे थे तभी जोराई आनंदपुर तिराहे पर उन्हें एक रेत से भरा ट्रैक्टर दिखाई दिया।
उन्होंने ट्रैक्टर को रुकवाकर उसकी रॉयल्टी सहित अन्य दस्तावेज मांगे, लेकिन ट्रैक्टर ड्राइवर पर न तो रॉयल्टी थी और न ही ट्रैक्टर-ट्रॉली के दस्तावेज। इस पर तहसीलदार की कार के ड्राइवर बृजेश रावत को ट्रैक्टर पर बिठाकर कहा गया कि वह ट्रैक्टर-ट्रॉली को बैराड़ ले चलो। जब बृजेश ट्रैक्टर-ट्रॉली को बैराड़ लेकर आ रहा था। तभी रास्ते में दो बाइक पर सवार होकर आए सोनू खान, आविद खान सहित दो अन्य लोगों ने गालियां देते हुए बृजेश को ट्रैक्टर से उतार लिया और उसके साथ मारपीट कर दी।
सोनू खान ट्रैक्टर की ड्राइवर सीट पर बैठ गया और ट्रैक्टर को छीनकर भाग गया। पुलिस ने पटवारी कुलदीप भार्गव की रिपोर्ट पर सोनू खान, आविद खान, ट्रैक्टर ड्राइवर सहित 2 अज्ञात लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है।
10 किमी किया पीछा, जंगल के रास्ते ट्रैक्टर ले गए
जब सोनू ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग रहा था। तब तहसीलदार विजय शर्मा ने उसे पकड़ने के लिए करीब 10 किमी तक उसका पीछा किया, लेकिन ट्रैक्टर ड्राइवर सोनू ने ट्रैक्टर नहीं रोका और वह जंगल के रास्ते ट्रैक्टर भागने में सफल रहा। जंगल में अधिकारियों की कार नहीं जा पाई।
दो दिन पहले खनिज निरीक्षक पर हुआ था हमला
खनन माफियाओं के हौसले लगातार कितने बुलंद होते जा रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो दिन पहले ही बदरवास थाना अंतर्गत बिना रॉयल्टी के एक डंपर ड्राइवर व उसके भाई ने खनिज निरीक्षक सुरेंद्र पटेल और उनकी टीम पर हमला कर दिया था और उनसे डंपर छीनकर भाग गए थे।
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