शिवपुरी के पिछोर सहकारी बैंक ने जब किसानों सहित अन्य ग्राहकों को मंगलवार की दोपहर उन्ही के खातों में जमा उन्हीं के पैसे का भुगतान करने से यह कहते हुए मना कर दिया कि बैंक में पैसा नहीं है तो बैंक उपभोक्ताओं ने बैंक का घेराव कर सड़क पर जाम लगा दिया। किसानों द्वारा लगाए गए जाम से तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा।
घोटाले के कारण रुका हुआ है भुगतान
शिवपुरी में सहकारी बैंक में हुए 80 करोड़ से अधिक का घोटाला उजागर होने के बाद सभी जिले के सभी बैंकों की जांच शुरू हो गई है। इस कारण भुगतान पर भी रोक लगा दी गई है, जिन लोगों को भुगतान किए जा रहे हैं वह भी नाममात्र के हो रहे हैं।
यह हाल पिछोर बैंक में एक महीने से बने हुए हैं। इसी क्रम में आज जब किसान दीवाली के त्योहार की खरीदारी के लिए पैसा निकालने बैंक पहुंचे तो बैंक कर्मचारियों ने पैसा न होने की बात कह कर भुगतान करने से मना कर दिया। इस बात पर किसानों ने बैंक का घेराव कर लिया और बैंक कर्मचारियों से बात करने लगे, जब बात नहीं बनी तो दोपहर करीब 12:30 बजे किसानों ने सड़क पर जाम लगा दिया। यह जाम करीब तीन घंटे तक लगा रहा, मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई बात नहीं बनी व यातायात बाधित हुआ।
पैसा आया और हुआ न्यूनतम भुगतान
जब किसान जाम खोलने तैयार नहीं हुए तो भोपाल तक वरिष्ठ अधिकारियों के बात की गई, इसके बाद पिछोर शाखा में पैसा पहुंचाया गया। करीब 3 बजके के बाद किसानों ने जाम खोला और उन्हें भुगतान किया गया।
किसी को भी 10 हजार से ज्यादा नहीं दिए
बताया जा रहा है कि भुगतान लेने बैंक पहुंचे किसानों को उनके द्वारा आहरण स्लिप में भरी गई राशि केअनुसार अनुपातिक रूप से भुगतान किया गया, लेकिन किसी को भी 10 हजार से अधिक का भुगतान नहीं किया गया।
मैनेजर प्रभारी ब्रांच एके केसरी ने बताया कि बैंकों में चल रही जांच के चलते आहरण पर होल्ड लगाया गया है। इसी के चलते बैंकों को भुगतान नहीं भेजा जा रहा है। यही वजह रही कि मंगलवार को भुगतान न होने के कारण किसानों को मना किया गया। बाद में भुगतान आ गया तो सभी किसानों को अनुपतिक रूप से भुगतान कर दिया गया।
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