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शिवपुरी : विदाई समारोह - विदाई के वक्त गीत सुनाया- "भले-बुरे सारे कर्मों को देखे और दिखाए, तोरो मन दर्पण कहलाए...

अपना घर आश्रम शिवपुरी में 48 दिनों से रह रहे एक और प्रभुजी की सकुलश घर वापसी हो गई है। खनियांधाना तहसील के पोठयाई गांव में रहने वाले नरेंद्र प्रताप सिंह यादव मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की वजह से खुद का नाम भी भूल गए थे। आश्रम से विदाई के वक्त उन्होंने मधुर स्वर में गीत सुनाया कहा कि "भले-बुरे सारे कर्मों को देखे और दिखाए, तोरो मन दर्पण कहलाए।

अपना घर आश्रम अध्यक्ष रमेशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि आश्रम के सदस्य कमलेश गुप्ता को आदिनाथ जिनालय शिवपुरी पर 4 मार्च को नरेंद्र प्रताप लावारिश हालत में मिले थे। पूछने पर अपना नाम पंचमसिंह यादव और पता यादव मोहल्ला शिवपुरी बताया। लेकिन इस पते पर पंचम नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता था। अपना घर आश्रम में देखभाल की और इस बीच नरेंद्र को अपने गांव पोठयाई का नाम याद आ गया।

नंबर भी बताया जो बंद जाता रहा। आश्रम के सदस्य शिक्षक ने दूसरे साथी शिक्षक कृष्पालसिंह को इस बारे में बताया और इस बात की खबर परिजनों तक पहुंची। चचेरे भाई परमालसिंह यादव अपना घर आश्रम पहुंचे और भाई नरेंद्र प्रताप को घर ले गए।

भजन में रामायण की चौपाईयां सुनाते थे
अपना घर आश्रम में हंसी-खुशी रह रहे नरेंद्र प्रताप भजनों में रामायण की चौपाइयां सुनाते रहते थे। अपना घर आश्रम का माहौल राममय कर दिया था। आश्रम का संचालन करने वाले भी खुश थे। वहीं चचेरे भाई परमाल सिंह ने बताया कि नरेंद्र प्रताप की दस से बारह साल पहले मानसिक हालत बिगड़ गई। जनवरी 2022 में घर से निकले तो लौटकर नहीं आए। काफी जगह तलाशा। जब अपना घर आश्रम पहुंचे और देखा कि घर से भी बेहतर देखभाल हो रही है। ऐसे लोग ईश्वर के समान है।

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