(बिर्रा क्षेत्र के सभी गांवों के मुहल्लों में हुई सामूहिक पूजन)
बिर्रा -भाद्रमास कृष्ण पक्ष के छठ तिथि (हलषष्ठी) को व्रती महिलाओं के द्वारा अपने संतान की दीर्घायु के लिए हलषष्ठी का व्रत रखा।इस क्रम में राजमहल बिर्रा में रानियों द्वारा विधिवत पूजा पं जितेन्द्र तिवारी द्वारा कराया गया। रानियों ने मां हलषष्ठी
की पूजा अर्चना कर छठ धरकर कृत्रिम सगरी (तालाब)की पूजा किया। वहीं छ: अध्याय की कथा सुनकर अपने राजकुमारों को तिलक वंदन कर दीर्घायु जीवन की मंगलमय कामना करते हुए पोता लगाया।इसी तरह जय दाऊ बाबा मंदिर परिसर व
कटकवार महावीर चौक में पं उमेश दुबे ने पूजा और कथा श्रवण कराया। जहां माताओं ने अपने संतान की लंबी आयु के लिए पूरे दिन उपवास रखा और पूजा के समय लाई, पसहर चावल, पलाश के पत्ते, कुशा, महुआ पत्ता, भैंस का दूध घी और दही अर्पित कर घी का दीपक जलाया और हलषष्ठी की आरती की। माताओं ने हलषष्ठी माता से अपने संतान की लंबी आयु की कामना करते हुए सगरी की पूजा अर्चना की। कटकवार मोहल्ला बजरंग चौक के पास एकत्रित होकर माताओं ने पूजा अर्चना कर माता हलषष्ठी की कथा का श्रवण किया घर आकर संतान के पीठ पर छुही का पोता मारकर माता हलषष्ठी से उनके दीर्घायु की कामना की।पंडित डॉ उमेश कुमार दुबे ने बताया इस दिन व्रती स्त्रियां पूरे दिन उपवास रहकर हलषष्ठी सगरी माता का पूजा करने के बाद पसहर चावल को बनाकर अपना उपवास पूरा करती हैं हलषष्ठी त्यौहार पर माताएं अपने संतान की लंबी आयु के लिए हलषष्ठी माता की प्रतिमा गौरी गणेश साथ ही कलश की स्थापना कर हलषष्ठी माता की कथा श्रवण कर माताएं पूजा अर्चना करते हैं और अपना पसहर चांवल छै प्रकार की सब्जी का भोजन कर उपवास तोड़ती हैं।इससे संतान की लंबी आयु होती है। हलषष्ठी व्रत कथा पर बोरसी गौटीन दाई मंदिर परिसर, संजयनगर बिर्रा,महावीर चौक,थवाईत मुहल्ला सहित घरों में भी सामूहिक पूजन किया गया।


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