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शिवपुरी : जिले में इस साल अब तक कोटे से 12% ज्यादा बारिश

 जिले में इस साल अब तक औसत की तुलना में 12 प्रतिशत ज्यादा बारिश हाे चुकी है। जिले में सालभर की बारिश का कोटा 816.3 मिलीमीटर है जबकि इस साल अब तक 917.58 मिमी बारिश हो चुकी है। शिवपुरी शहर में अब तक सबसे ज्यादा 1261.50 मिमी बारिश दर्ज की गई है जाे जिले के 8 विकासखंड में सबसे ज्यादा है। बैराड़ में सबसे कम 727.50 मिमी और करैरा में 739.80 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई। इन दोनों ब्लॉक में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है। पोहरी में 913 मिमी, नरवर में 846 मिमी, पिछोर में 971.70 मिमी, कोलारस 985.40 मिमी, बदरवास में 997 मिमी और खनियांधाना में 816 मिमी वर्षा दर्ज हुई है।

हालांकि अब यह बारिश मुसीबत भी बन रही है। शहर में मंगलवार सुबह 11:20 बजे तेज बारिश शुरू हाे गई। 20 मिनट करीब 9 मिमी पानी बरसा। इस बारिश से महावीर नगर के रास्ते अवरुद्ध हो गए और पुरानी शिवपुरी में वाहन फंस गए। उधर, पुरानी शिवपुरी क्षेत्र में पायगा मस्जिद के पीछे मंगलवार की शाम एक पुराने मकान का छज्जा गिर गया जिससे 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की दबने से मौत हो गई। बताया गया है कि मकान पुराना होने से छज्जा कमजोर था और बारिश के कारण नमी आने से ढह गया।

वहीं दिनारा कस्बे मेंं लगातार बारिश से किसान मुसीबत में हैं। किसानों का कहना है कि बारिश के कारण उनकी उड़द, मूंग ओर तिली की फसल खराब हो रही हैं। पिछले साल से कम हुई बारिश: जिले में औसत बारिश के कोटे से ज्यादा बारिश हाे चुकी है लेकिन यह बारिश पिछले साल से कम है। जिले में 1 जून से अभी तक 917.58 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है जबकि गत वर्ष 20 सितंबर तक 1236.92 मिमी औसत वर्षा हुई थी। हालांकि गत वर्ष जिले में कुल 1452.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।

बारिश से उड़द, मूंग व तिली की फसल को नुकसान

दिनारा के किसान बारिश से चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि उनकी उड़द, मूंग व तिली की फसल खराब हो रही है। किसानों के ॉ मुताबिक, पकी हुई फली का बीज ख राब हो रहा है। साथ ही जिन किसानों की फसल कटने के बाद खेतों में पड़ी हुई है। उसकी थ्रेसिंग नहीं करा पा रहे हैं। किसान आत्माराम का कहना है किब बारिश की वजह से थ्रेसिंग में देरी हो रही है बल्कि फसल के बीजों का रंग भी फीका हो रहा है। मूंगफली भी बारिश की वजह से खेतों से नहीं निकाल पा रहे हैं। एक-दो दिन में बारिश लगातार होती रही तो बड़ा नुकसान हो जाएगा। वहीं कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश से एक - दो फीसदी ही नुकसान हुआ है।

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