शिवपुरी जिले के भौंती थाना के सामने कुछ ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया। दरसअल क्षेत्र के गांव में कुछ ग्रामीणों ने एक शराब से भरी लोडिंग वाहन को पकड़ लिया था। चक्काजाम लगाने मै ----- आखिर लापरवाही किस की !
शराब ठेकेदार की , शराब माफियाओ की , पुलिस की ,या ग्रामीणों की
आईऐ हम आपको वताते है
शिवपुरी जिले के भौंती थाना के सामने कुछ ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया। दरसअल क्षेत्र के भयावन गांव में कुछ ग्रामीणों ने एक शराब से भरी लोडिंग वाहन को पकड़ लिया। लेकिन पुलिस ने इस मामले में ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की
इसी लिए उन्हें जाम लगाना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि वाहन में जो शराब भारी हुई है, वह अवैध है, जो शराब ठेकेदार के ओर से गांव-गांव बेची जा रही है।ग्रामीणों के अनुसार शराब ठेकेदार हरिसिंह की ओर से एक गाड़ी में 15 पेटी शराब रखकर उनके गांव भयावन में अवैध रूप से बेचने के लिए भेजी थी। तभी ग्रामीणों ने शराब से भरी गाड़ी को पकड़ लिया। इसकी सूचना भौंती थाना पुलिस को दी थी लेकिन ठेकेदार पर पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया।
ग्रामीणों के अनुसार शराब ठेकेदार हरिसिंह की ओर से एक गाड़ी में 15 पेटी शराब रखकर उनके गांव भयावन में अवैध रूप से बेचने के लिए भेजी थी। तभी ग्रामीणों ने शराब से भरी गाड़ी को पकड़ लिया। इसकी सूचना भौंती थाना पुलिस को दी थी लेकिन ठेकेदार पर पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया।
इस मामले में भौंती थाना प्रभारी संजय मिश्रा का कहना है कि हम एफआईआर करने को मना नहीं कर रहे हैं। हम एफआईआर करने को तैयार हैं, लेकिन गांव वाले शराब को थाने तक नहीं लाने दे रहे हैं। उनके अनुसार एफआईआर करने से पहले शराब का बैच नंबर आदि भी तो देखना पड़ेगा कि आखिर शराब है कहां की? अगर शराब ठेकेदार की होगी तो उसके खिलाफ भी एफआईआर की जाएगी।
थाना प्रभारी ने बताया कि शराब ठेकेदार का कहना है कि उसकी गाड़ी कलेक्शन के लिए गई थी, इसी दौरान ढाबा संचालक राजेंद्र लोधी ने उसकी गाड़ी को रोककर उसमें शराब रखवा दी और उसी शराब को उसकी शराब बता रहे हैं। दोनों पहलू की जांच करने के बाद मामला दर्ज किया जाएगा।
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