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*अमनदुला(मालखरौदा)में व्याख्याताओं को दिया गया प्रशिक्षण*

 (बीआरसी एच के बेहार बम्हनीडीह जिला मीडिया प्रभारी डॉ उमेश दुबे का शाल श्रीफल से किया गया सम्मान)


मालखरौदा -विकास खंड शिक्षा अधिकारी त्रिभुवन जगत के निर्देशानुसार बीआरसी श्रीमती सविता त्रिवेदी के मार्गदर्शन में मास्टर ट्रेनर्स नारायण प्रसाद व योगेश चौहान बीआरपी के द्वारा शा उ मा वि अमनदुला मालखरौदा में अधिगम अक्षमता एवं बौद्धिक नि:शक्ता आधारित समावेशी शिक्षा अंतर्गत 40व्याख्याताओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया

गया।कार्यक्रम में हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य निशक्तजन अधिकार अधिनियम 2016के अनुसार 21दिव्यांगता से परिचय, दिव्यांग बच्चों के चिन्हांकन, समावेशी का अर्थ,परिभाषा, महत्व व उद्देश्य,दिव्यांगता का कारण व रोकथाम के उपाय,दिव्यांगों को पहचानने हेतु विभिन्न प्रश्नावली, दिव्यांग बच्चों से संबंधित कक्षा कक्षा में किए जाने वाले

प्रायोगिक कार्य(सांकेतिक भाषा,ब्रेन लिपी प्रशिक्षण) दिव्यांगजनो बच्चों हेतु विकास खंड संसाधन स्रोत केंद्र का परिचय व व्यवस्था, दिव्यांग बच्चों के परीक्षा क्रियान्वयन हेतु दिशा निर्देश, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दिव्यांगों हेतु संचालित महत्वाकांक्षी योजनाएं,सुगम्य भारत अभियान,समावेशी शिक्षा को सफल बनाने हेतु किए जाने वाले सकारात्मक उपाय,दिव्यांग विद्यार्थियों के चिन्हांकन,मानसिक मंद व अधिगम निशक्तता से प्रभावित छात्रों को प्रशिक्षण के माध्यम से किस प्रकार से सामान्य बच्चों की तरह मुख्यधारा में लाया जा सके। बीआरसीसी बम्हनीडीह एचके बेहार ने कहा कि समावेशी शिक्षा प्रत्येक दिव्यांग बच्चों के लिए उच्च और उचित उम्मीदों के साथ उसकी व्यक्तिगत शक्तियों का विकास करती है।दिव्यांग बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र के साथ-साथ उनकी भावनात्मक क्रियात्मक बोधात्मक संवेगात्मक इत्यादि क्षेत्रों में पुनर्बलन प्रदान करती है। उक्त जानकारी जिला मीडिया प्रभारी डॉ उमेश दुबे ने दी।


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