कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आदि कर्मयोगी अभियान के क्रियान्वयन संबंधी जिला स्तरीय ओरिएंटेशन (DLO) आयोजित किया गया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु जैन, अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर चौधरी ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान जनजातीय बाहुल्य गांवों के सर्वांगीण विकास और आदिवासी परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर अधोसंरचना और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ठोस कदम उठाए जाएं ताकि कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से अछूता न रहे। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि आदिवासी परिवारों का जीवनस्तर बेहतर हो और उन्हें विकास की सभी योजनाओं का लाभ समय पर मिले। आदि कर्मयोगी अभियान इसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है।बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के 8 विकासखंडों के 746 जनजातीय ग्रामों का चयन अभियान के अंतर्गत किया गया है। अभियान में अधिकारियों, समाजसेवियों एवं सहयोगियों को कर्मयोगी के रूप में जोड़ा जाएगा। प्रत्येक ग्राम का प्लान तैयार कर शासन की योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुँचाना सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान के तहत आवास, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, सड़क और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनजातीय परिवारों को दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए ग्राम स्तर पर ‘आदि सेवा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे, जो एक ही खिड़की के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। ये सेवा केंद्र न केवल मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे बल्कि योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सतत क्रियान्वयन में भी अहम भूमिका निभाएंगे।

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