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Shivpuri News : शिवपुरी जिला अस्पताल में महिला मरीज के इलाज को लेकर हंगामा, अटेंडरों व स्टाफ के बीच मारपीट का आरोप

शिवपुरी जिला अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज के इलाज को लेकर शनिवार को बड़ा विवाद हो गया। महिला के अटेंडरों और नर्सिंग स्टाफ व सुरक्षाकर्मियों के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोप लगे हैं। घटना में एक महिला अटेंडर के सिर में चोट आई, जिससे खून निकलने पर उसे घायल अवस्था में उपचार के लिए ले जाया गया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पुलिस द्वारा घायल महिला का मेडिकल कराकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

चार दिन से इलाज में लापरवाही का आरोप - 

जानकारी के मुताबिक बैराड़ क्षेत्र के बैराड़ी गांव निवासी पूजा जाटव पत्नी बलवीर जाटव को तीन दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पूजा के पेट में चार माह के बच्चे की मौत हो चुकी थी और मृत बच्चे को बाहर निकालने की प्रक्रिया के लिए उपचार चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि चार दिन बीत जाने के बावजूद इलाज में लापरवाही बरती जा रही थी।

पूजा की परिजन रामबाई जाटव ने बताया कि जब वह अपनी भाभी रानी जाटव और बहन भगवती जाटव के साथ इलाज में हो रही देरी को लेकर नर्सिंग स्टाफ से बात करने गईं, तो स्टाफ भड़क गया। आरोप है कि महिला सिक्योरिटी गार्ड के साथ मिलकर धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। रामबाई के अनुसार उनकी भाभी को थप्पड़ मारे गए, वहीं बहन भगवती के सिर में मोबाइल से वार किया गया, जिससे उसे गंभीर चोट आई और खून निकल आया।

एंट्री पास सिस्टम बना विवाद की वजह - 

विवाद की एक बड़ी वजह अस्पताल में लागू एंट्री पास सिस्टम भी बताई जा रही है। रामबाई का कहना है कि चार दिनों में बार-बार नए पास बनवाने पड़े, जिस पर करीब 400 रुपये खर्च हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके पास पैसे होते तो वे निजी अस्पताल में इलाज कराते, लेकिन गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं है। आरोप है कि पास सिस्टम देखने वाले कर्मचारियों ने भी मारपीट की।

इस मामले में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. यादव ने बताया कि महिला को 21 जनवरी की शाम 5 बजकर 19 मिनट पर भर्ती किया गया था। जांच में चार माह के बच्चे की धड़कन नहीं मिल रही थी और बच्चा मृत था। ऐसे मामलों में मृत भ्रूण को बाहर निकालने की प्रक्रिया सामान्य से लेकर सर्जरी तक चरणबद्ध होती है। डॉक्टर पहले सामान्य प्रक्रिया अपनाते हैं और स्थिति के अनुसार आगे का निर्णय लिया जाता है। उन्होंने कहा कि परिजन जल्दबाजी में अपनी शर्तों पर प्रक्रिया कराने की मांग कर रहे थे, साथ ही एंट्री पास सिस्टम को लेकर भी विवाद हुआ। दोनों पक्षों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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