शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने कानून व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बैराड़ थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर को एक किराना व्यापारी की 9 साल की मासूम बेटी का 'फिल्मी स्टाइल' में अपहरण करने का दुस्साहसिक प्रयास किया गया। लेकिन बदमाशों को क्या पता था कि उनका सामना एक ऐसी जांबाज महिला से हो जाएगा, जो काल बनकर उनके आड़े आ जाएगी।
स्कूल बस से उतरते ही टूट पड़े बदमाश
यह पूरी वारदात गुरुवार दोपहर करीब पौने तीन बजे की है। मासूम बच्ची 'जीनियस वर्ल्ड स्कूल' से पढ़ाई पूरी कर रोज़ की तरह स्कूल बस से मानपुर होटल के पास उतरी थी। जैसे ही स्कूल बस आगे बढ़ी, पहले से घात लगाए बैठे दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने मासूम को दबोच लिया और उसे जबरन अपने साथ ले जाने लगे। बदमाशों की इस अचानक हुई हरकत से बच्ची बुरी तरह डर गई और उसने शोर मचाना शुरू कर दिया।
वीडियो में रो पड़े पिता: "दो अज्ञात लोग आए और बच्ची को खींचने लगे..."
इस पूरी वारदात के बाद सहमे और डरे हुए बच्ची के पिता धर्मेंद्र गुप्ता ने कैमरे के सामने आकर आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया:
"मेरी बेटी जीनियस वर्ल्ड स्कूल में पढ़ती है। दोपहर को करीब पौने तीन बजे वह मानपुर होटल के पास बस से उतरी। बस के जाते हीवहां दो अज्ञात व्यक्ति आए और मेरी बच्ची को जबरन ले जाने की कोशिश करने लगे। इसी बीच मेरी बच्ची चिल्लाई..."
फेरी वाली महिला बनी 'मसीहा', बदमाशों के छुड़ाए छक्के
धर्मेंद्र गुप्ता ने आगे बताया कि बच्ची की चीख-पुकार सुनकर पास ही में फेरी लगाने वाली (सामान बेचने वाली) एक साहसी महिला देवदूत बनकर वहां पहुंच गई। जैसे ही बच्ची चिल्लाई, वह महिला बिना अपनी जान की परवाह किए उन अज्ञात बदमाशों से सीधे भिड़ गई और बच्ची को उनके चंगुल से खींच लिया। महिला के इस रौद्र रूप और सूझबूझ को देख किडनैपर्स के हौसले पस्त हो गए। खुद को घिरता देख और पकड़े जाने के डर से बदमाश बच्ची को वहीं छोड़कर अपनी बाइक पर सवार होकर दुम दबाकर भाग निकले। वह जांबाज महिला बच्ची को सुरक्षित संभालकर उसके घर तक लेकर आई।
प्रशासन और पुलिस पर खड़े हुए बड़े सवाल
दिनदहाड़े स्कूल बस के स्टॉपेज से एक मासूम बच्ची को उठाने की इस हिम्मत ने पूरे इलाके के अभिभावकों को दहशत में डाल दिया है। पिता धर्मेंद्र गुप्ता के चेहरे का डर साफ बयां कर रहा है कि शिवपुरी में अब बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। आखिर इन बदमाशों में पुलिस का खौफ क्यों नहीं है? फिलहाल पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
इस जांबाज फेरी वाली महिला के साहस को पूरा शिवपुरी सलाम कर रहा है, जिसने अपनी जान की परवाह न करते हुए धर्मेंद्र गुप्ताकी लाडली को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुँचाया।

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