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shivpuri News : शिवपुरी में 9 साल की बच्ची के 'अपहरण' के दावे पर सस्पेंस: स्कूल बस से उतरते ही वारदात का आरोप, लेकिन पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा!

 


शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक तरफ तो सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, तो दूसरी तरफ पूरी घटना पर एक बड़ा सस्पेंस पैदा कर दिया है। बैराड़ थाना क्षेत्र में एक किराना व्यापारी ने अपनी 9 साल की मासूम बेटी का 'फिल्मी स्टाइल' में अपहरण करने के प्रयास का गंभीर आरोप लगाया है। लेकिन इस पूरे मामले में अब पुलिस का एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसने कहानी को पूरी तरह पलट कर रख दिया है।

पिता का आरोप: स्कूल बस से उतरते ही टूट पड़े बदमाश

बच्ची के पिता धर्मेंद्र गुप्ता ने कैमरे के सामने आकर बताया कि यह पूरी वारदात गुरुवार दोपहर करीब पौने तीन बजे की है। उनकी बेटी 'जीनियस... स्कूल' से पढ़ाई पूरी कर रोज़ की तरह स्कूल बस से मानपुर होटल के पास उतरी थी। आरोप है कि बस के जाते ही दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने मासूम को जबरन दबोच लिया।

पिता के मुताबिक, बच्ची की चीख-पुकार सुनकर वहां पास ही में फेरी लगाने वाली एक साहसी महिला पहुंची, जो बदमाशों से भिड़ गई और बच्ची को उनके चंगुल से छुड़ाकर सुरक्षित घर लेकर आई।

पुलिस का बड़ा ट्विस्ट: सीसीटीवी और गवाहों ने दावों को नकारा!

इस पूरी सनसनीखेज शिकायत पर जब बैराड़ थाना प्रभारी सुरेश शर्मा से बात की गई, तो उन्होंने इस घटना को लेकर एक बिल्कुल अलग और चौंकाने वाला पहलू सामने रखा।

थाना प्रभारी सुरेश शर्मा का कहना है: "लड़की के परिजन जिस फेरी वाली महिला का हवाला दे रहे हैंउसका अभी तक कोई पतानहीं चल पाया है। परिजनों ने जहां की घटना बताई हैहमने उस पूरे इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज चेक किए हैंलेकिनसीसीटीवी में ऐसा कोई भी मामला सामने नहीं आया है। इतना ही नहींजिस दुकान के ठीक सामने वारदात होने की बात कही जा रहीहैहमने उस दुकानदार से भी गहन पूछताछ की है। दुकानदार ने साफ मना कर दिया है कि यहाँ ऐसी कोई भी घटना नहीं हुई है।"

अपहरण की कोशिश या सिर्फ अफवाह? जांच जारी

एक तरफ जहां पीड़ित पिता अपनी बेटी के साथ हुई इस खौफनाक वारदात का दावा कर रहे हैं, वहीं पुलिस की शुरुआती तफ्तीश, सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद दुकानदार का बयान इस पूरी कहानी पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर रहा है।

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर सच क्या है? क्या वाकई किसी ने मासूम को उठाने की कोशिश की थी या फिर यह पूरा मामला किसी गलतफहमी या अफवाह का नतीजा है? पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

इस मामले में आगे जो भी अपडेट आएगाहम आप तक पहुँचाते रहेंगे।

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