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देखिए परत दर परत ग्राम पंचायत झंडा के घोटाले, सरपंच सचिव गटक गए लाखों रुपए






सबसे बड़ा घोटाला


जब हरिजन बस्ती में आरसीसी पहले से डली थी तो रोशनलाल जाटव के घर से pm सड़क तक,मतलब एक ही जगह कैसे गिर गई,नाम अलग लिखकर एक ही आरसीसी पर कई लाख रुपयो का घोटाला ग्राम पंचायत झंडा में सरपंचो ने अपनी दबंगाई दिखाकर किया है,भजना कुशवाह से रामदास सेन तक सीसी ग्राम झंडा में इसकी जांच उच्च स्तरीय समिति या अधिकारियों द्वारा कराई जाएगी तभी दूध का दूध और पानी का पानी नजर आएगा।

बिना रिश्वत के नही बनते शौचालय

ग्राम झंडा के ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच, सचिव को जबतक रिश्वत नही देते तब तक पंचायत के ग्रामीणों का कोई भी कार्य नही होता है, हर गरीब से शौचालय के नाम पर 2000 रुपये की रिश्वत मांगी जाती है, जब किसान रिश्वत नही देते तब उनके कार्य को रोक दिया जाता है, केई मजदूरों के मजदूरी के रुपये सरपंच सचिव ने नही दिए। गरीबो को मनरेगा में काम करने का मौका नही दिया जाता है। अपने मनचाही लोगो के एकाउंट नम्बर लगाकर,मशीनों द्वारा कार्य कराकर सरकार के रुपयो को खा जाते हैं।

कंट्रोल संचालक से परेशान

ग्राम पंचायत झंडा होने के बाबजूद व जनसंख्या ज्यादा होने पर भी निवाड़ी ग्राम में वटता है राशन,नही आते पंचायत में बाँटने को खाधान्न। जब गरीब लोग झंडा पंचायत से दूसरे ग्राम में 4 किलोमीटर जहां पर सड़क भी खराब है वहां पर खाधान्न लेने जाते हैं तब उनको गुमराह कर भगा दिया जाता है जब गरीब लोग सवाल-जबाव करते हैं तो उनको कन्ट्रोल संचालक गाली-गलौच करके वहाँ से भगा देता है। कुछ लोगो को तो इस लोकडाउन मे 3 माह में से 1 ही माह का दिया है राशन।

शौचालय के निकाले रुपये


निवाड़ी ग्राम में पुराने कार्य नही हुए पूरे

ग्राम निवाड़ी में सामुदायिक भवन पूर्ण रूप से बनकर तैयार नही हुआ है,जिसका रुपये बीआरजीएफ फंड द्वारा 14 अप्रैल 2015 को 7 लाख रुपये निकाल कर अन्य खर्चो में कर दिया बर्वाद। ऐसे अनेक कार्य हैं खेल मैदान निवाड़ी में भी अधूरा पड़ा हुआ है, CC काशीराम पाल से अर्जुन तक नाली सहित यह भी अधूरा पड़ा कार्य,जिसका पेमेंट 14 अप्रैल 2017 निकाल लिया है।

70,80 साल की बुजुर्ग महिला की नहीं बंधी पेंशन


5 साल की लेते हैं जिम्मेदारी


ऐसे केई कार्य है जो कागजों में पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन मौके पर नही है, केशव जाटव,रामस्वरूप वाल्मीक,कल्लन बंशकार,जनकू जाटव,बिशना आदिवासी, प्रहलाद तोमर,राहुल तोमर,पातीराम आदिवासी,तोरन आदिवासी श्री लाल पाल, गोमा बाई, घनश्याम, राजेश पाल, रामकृष्ण पाल आदि सभी ग्रामीणों ने अपनी पंचायत झंडा में हुए कार्यो के बारे में बताया,तब सत्य सामने आया।

इनका कहना है




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