भोपाल मध्य प्रदेश के शासकीय स्कूलों में कक्षा नवमी से बारहवीं की नियमित कक्षाएं नवंबर के अंतिम सप्ताह से शुरू होने वाली थीं, लेकिन कोरोना के बढ़ते आंकड़ों के कारण स्कूल शिक्षा विभाग इस बारे में कोई निर्णय नहीं कर पा रहा है। शासन ने पहली से आठवीं तक के स्कूल 31 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश दिया है, लेकिन अब भी नवमी से बारहवीं तक की कक्षाओं को नियमित तौर पर शुरू करने को लेकर कोई निर्णय नहीं हो पाया है। अब एक बात तो साफ है कि पहली से आठवीं तक के स्कूल नए साल में ही खुल पाएंगे। हालांकि शासन ने नवमी से बारहवीं तक की कक्षाओं को लेकर निर्देश दिए हैं कि विद्यार्थी शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए स्कूल आ सकेंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 30 नवंबर के बाद नवमी से बारहवीं तक के स्कूल नियमित रूप से लगाने को लेकर निर्णय लिया जा सकता है। अभी दो दिन पहले स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री इंदर सिंह परमार ने एसोसिएशन ऑफ अन-एडेड प्राइवेट स्कूल मप्र एवं सहोदय ग्रुप ऑफ सीबीएसई के प्रतिनिधिमंडल से जल्द ही स्कूल खोलने की बात कही थी। मंत्री ने प्रतिनिधि मंडल से कहा था कि कोरोना काल में स्कूलों के बंद होने से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्कूल शिक्षा क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा है। विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए प्रदेश में नवमी से बारहवीं तक की कक्षाएं जल्द शुरू करने पर विचार चल रहा है।
30 फीसद विद्यार्थी ले पा रहे ऑनलाइन कक्षा का लाभ
कोरोना काल में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों के लिए डिजिलेप, दूरदर्शन व रेडियो के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जा रही हैं। हालांकि ग्रामीण, दूरदराज के क्षेत्रों में विद्यार्थियों के पास स्मार्टफोन ना होने के कारण उन्हें ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विभाग भी यह मानता है कि प्रदेश के 30 फीसद विद्यार्थियों को ही ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ मिल पा रहा है।

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