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एक दिन में 14,856 मेगावाट बिजली की मांग का बना रिकॉर्ड



भोपाल मध्य प्रदेश में गत चार दिसंबर को बिजली की अधिकतम मांग का रिकॉर्ड बना। राज्य के बिजली सेक्टर के इतिहास में पहली बार बिजली की एक दिन की अधिकतम मांग 14,856 मेगावाट दर्ज हुई। प्रदेश में पिछले दस दिन से बिजली की अधिकतम मांग 14,000 मेगावाट के ऊपर दर्ज हो रही है। बिजली कंपनियों के बेहतर प्रबंधन के कारण बिजली की इस अधिकतम मांग की सफलतापूर्वक सप्लाई हुई और प्रदेश में कहीं भी विद्युत व्यवधान नहीं हुआ।

पिछले वित्तीय वर्ष में 3 फरवरी को प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 14,555 मेगावाट दर्ज हुई थी। प्रदेश में एक दिसंबर को 14,236 मेगावाट, 2 दिसंबर को 14,403 मेगावाट और 3 दिसंबर को 14,515 मेगावाट मांग दर्ज हुई। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (इंदौर व उज्जैन संभाग) में बिजली की अधिकतम मांग 6,077 मेगावाट, मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (भोपाल व ग्वालियर संभाग) में 4,752 मेगावाट और मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (जबलपुर, सागर व रीवा संभाग) में

4,028 मेगावाट मांग दर्ज हुई।

प्रदेश में ऐसे हुई बिजली सप्लाई

चार दिसंबर को जब बिजली की अधिकतम मांग 14,856 मेगावाट दर्ज हुई, उस समय बिजली की सप्लाई में मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप व जल विद्युत गृहों का उत्पादन अंश 2,718 मेगावाट, इंदिरा सागर सरदार सरोवर-ओंकारेश्वर जल विद्युत परियोजना का अंश 1,849 मेगावाट, एनटीपीसी व नार्दन रीजन का अंश 3,383 मेगावाट, सासन अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट का अंशदान 1,346 मेगावाट, आइपीपी का अंश 1,778

मेगावाट रहा और बिजली बैकिंग से 1940 व अन्य स्त्रोत (नवकरणीय स्रोत भी शामिल) से प्रदेश को 1,843 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई। प्रदेश में 14,856 मेगावाट बिजली की मांग की सफलतापूर्वक बिजली सप्लाई करने में मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी के कंट्रोल रूम व क्षेत्रीय कार्यालय, स्टेट लोड डिस्‍पेच सेंटर, पावर जनरेटिंग कंपनी के विद्युत गृहों के साथ मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी व राज्य की पूर्व क्षेत्र, मध्य क्षेत्र एवं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कंट्रोल रूम एवं मैदानी अभियंताओं और कार्मिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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