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भोपाल में फ्रेंचाइजी के नाम कर चिटफंड कंपनी ने हड़प लिए 15 लाख, पांच लाख लेकर बिल्डर प्लॉट देने से मुकर गया

 


भोपाल  साहब! बिल्डर ने नौ साल पहले प्लॉट के नाम पर पांच लाख रुपये जमा करा लिए, लेकिन प्लॉट अभी तक नहीं दिया है। सर रुपये चार गुना करने का भरोसा देकर इंदौर की एक कंपनी ने फ्रेंचाइजी देने के नाम पर उसके 15 लाख रुपये हड़प लिए। इस तरह की फरियाद लेकर लोग मंगलवार को शहर के विभिन्न थानों में पहुंचे।

राजधानी में मंगलवार को प्रत्येक थाने में जनसुनवाई शिविर लगाए गए। सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक लोगों की समस्याएं सुनने के बाद उनकी लिखित शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई। इस दौरान शिकायत दर्ज कराने के बाद लोग व्यवस्था के प्रति संतुष्ट नजर आए। हालांकि प्रचार-प्रसार कम होने से पहले दिन कम लोग की शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। एमपी नगर थाने में दोपहर करीब 12:30 बजे तक कोई भी फरियादी अपनी शिकायत लेकर नहीं पहुंचा था। लोगों की फरियाद सुनने के लिए बैठे एसआइ सत्येंद्र द्विवेदी मौजूद थे। पिपलानी थाने में उपनिरीक्षक आरएन सिंह शिकायत दर्ज कर रहे थे। पहले दिन उनके पास तीन शिकायतें पहुंची। इनमें से दो जमीन के विवाद को लेकर थी। संतोषी विहार कॉलोनी में रहने वाले बीएम उपाध्याय और राजेंद्र पाराशर ने शिकायत दर्ज कराई। उसमें बताया कि नौ साल पहले फीनिक्स इंफ्रा के एस्टेट के संचालक विजय गौतम ने प्लॉट के नाम से पांच-पांच लाख रुपये जमा कराए,लेकिन प्लॉट अभी तक नहीं दिया। इस धोखाधड़ी में जमीन मालिक फराज खान भी शामिल है। अयोध्या बायपास रोड निवासी विनय शर्मा ने चिट फंड कंपनी मेगा माइंड ट्रेकर, इंदौर के खिलाफ 15 लाख रुपये हड़पने की शिकायत दर्ज कराई। विनय ने बताया कि भेल में कार्यरत अमृतलाल कोरी के कहने पर उन्होंने कंपनी में निवेश किया था। कंपनी ने रुपये हड़प लिए तो अमृतलाल और उसके सहयोगी राधे मोहन रुपये वापस करने से मुकर गए हैं। एसआइ सिंह ने बताया कि सभी शिकायतों को जांच में ले लिया गया है।

इस तरह के मामलों में कर सकते हैं शिकायत

डीआइजी इरशाद वली ने बताया कि धोखाधड़ी की तीन तरह की श्रेणियों की शिकायत लोग अपने नजदीक के थाने में कर सकते हैं।

-ज्यादा लाभ का प्रलोभन देकर निवेश करवाने वाली कंपनियों (चिटफंड) द्वारा धोखाधड़ी संबंधी शिकायतें। यदि किसी व्यक्ति द्वारा बहुत अधिक रिटर्न ( सालाना 11 फीसद से अधिक) के वादे पर निवेश किया गया हो और उनको लगता है कि उसके साथ धोखाधड़ी हो सकती है। कोई व्यक्ति इस तरह की कंपनियों के बारे में जानकारी रखता हो।

-सायबर अपराध संबंधी शिकायतें जैसे कि फ़ोन पर ओटीपी पूछकर बैंक खाता से रुपया निकाल लेना, एटीएम कार्ड बदल कर रुपये निकाल लेना आदि।

- ऐसी शिकायतें जिसमें पैसा लेकर जमीन, प्लॉट, घर, फ्लैट देने का वादा करके धोखा दिया गया हो।

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