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इंटरनेट का उपयोग करते समय बरतें सावधानी, सोशल मीडिया पर अनजान से ना करें दोस्ती

 


भोपाल  कोरोना काल में इंटरनेट जीवन की आवश्यकता बन गई है। अभी स्कूली बच्चे सबकुछ ऑनलाइन पढा़ई कर रहे हैं। इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के लिए साइबर सुरक्षा के बारे में जानना जरूरी है। अभी रेलवे का टिकट, बिजली बिल या कोई भी सामान मंगाना हर कार्य में इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं। इंटरनेट के उपयोग के समय हमें पूरी सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि हमारी पर्सनल जानकारी कोई नहीं जान सकें। वहीं आजकल बच्चे या युवाओं में साइबर बुलिंग के मामले सामने आ रहे हैं। इससे बचने के लिए बच्चों व युवाओं को जागरूक होना होगा। सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से दोस्ती नहीं करें। यह बात लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त जयश्री कियावत ने सायबर सुरक्षा के वेबिनार कार्यक्रम में कही। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा साइबर सुरक्षा पर गुरुवार को वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने की। मंत्री ने कहा कि दुनिया में इंटरनेट का चलन बढा़ है, लेकिन इसका दुरुपयोग भी हो रहा है। डाटा लीक हो रहे हैं, सागबर सुरक्षा के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करना जरूरी है। इस दौरान विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने कहा कि कभी भी सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्ति से दोस्ती ना करें। अगर कोई अनजान मैसेज या कॉल करता है तो उस नंबर को ब्लॉक कर दें।

साइबर अपराध के मामले में भारत चौथे नंबर पर है

विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने कहा कि सायबर अपराध के मामले में भारत विश्व में चौथे नंबर पर है। अभी बच्चों से लेकर बडों का हर कार्य ऑनलाइन हो गया है, इसलिए इसकी सुरक्षा के बारे में भी जानना होगा। आज यू-ट्यूब के माध्यम से लोग हर विधा सीख रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग भी एक बडा़ प्लेटफार्म हो गया है। अभी कोरोना काल में ऑनलाइन माध्यम से हर कार्य हो पाया।

गेम खेलने में देखें एज रेटिंग

रक्षित टंडन ने बताया कि आजकल बच्चे ऑनलाइन प.ढने के साथ-साथ मोबाइल पर गेम खेलने लगते हैं। कभी भी कोई गेम डाउनलोड करें तो सबसे पहले एज रेटिंग देख लें। आपकी उम्र के अनुरूप गेम दिया है, सिर्फ उसे ही खेलें। कभी भी फर्जी मैसेज का जवाब ना दें। कोई अनजान मैसेज या कॉल आए तो ब्लॉक कर दें। अक्सर इंटरनेट पर फर्जी लॉटरी के लिए मैसेज व कॉल आते हैं तो कभी भी झांसे में ना आए।

इन बातों का रखें ध्यान

-कभी भी डाटा हैक होता है तो पासवर्ड बदल लें।

-कभी भी नकली ई-मेल को देखें नहीं, बल्कि इग्नोर कर दें।

-कभी भी पासवर्ड ना बताएं।

-वन टाइम पासवर्ड किसी को ना बताएं।

-फोटो के साथ अगर हेरफेर होता है, सायबर क्राइम में शिकायत करें।

- एप पर हेल्प कॉर्नर का यूज करें।

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