इंदौर रिपब्लिक भारत न्यूज चैनल द्वारा बार-बार इस्तेमाल किए जाने वाले वाक्य पूछता है भारत पर रोक लगाने की मांग करते हुए मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में दायर जनहित याचिका में सोमवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को जवाब देना था। जवाब देना तो दूर मंत्रालय की तरफ से कोई उपस्थित ही नहीं हुआ। न्यूज चैनल की तरफ से वकील उपस्थित तो हुए लेकिन उन्होंने जवाब देने के लिए समय मांगा। कोर्ट अब मामले में फरवरी के तीसरे सप्ताह में सुनवाई करेगी।
हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका न्यायी एडिटोरियल की तरफ से एडवोकेट रोहन व्यास ने दायर की है। याचिका में कहा है कि रिपब्लिक भारत न्यूज चैनल द्वारा टीआरपी हासिल करने के लिए खबरों को मसालेदार बनाया जा रहा है। मशहूर हस्तियों पर आरोप लगातार वाद-विवाद किया जाता है। चैनल के एंकर बार-बार पूछता है भारत, पूछता है भारत वाक्य इस्तेमाल करते हैं। इससे ऐसा आभास होता है मानो भारत की 135 करोड़ जनता ने अपनी तरफ से सवाल पूछने के लिए उक्त न्यूज चैनल को अधिकार दे रखा है, जबकि ऐसा है नहीं।
याचिका में मांग की गई है कि रिपब्लिक भारत न्यूज चैनल को आदेश दिया जाए कि वह पूछता है भारत वाक्य का इस्तेमाल न करे। चैनल द्वारा आयोजित की जाने वाली वाद-विवाद और बहस में समाचार जैसा कुछ नहीं होता है। इसलिए इस बहस और वाद-विवाद को समाचार की श्रेणी से हटाकर मनोरंजन श्रेणी में रखा जाए। याचिका में रिपब्लिक भारत न्यूज चैनल के साथ-साथ उसके मैनेजिंग डायरेक्टर अर्नब गोस्वामी, प्रेस कौंसिल अॉफ इंडिया, टेलिकॉम रेग्यूरेटरी अॉथोरिटी अॉफ इंडिया और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय पक्षकार हैं। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था।

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