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मंदिरों की अनदेखी:मंदिरों की 3700 बीघा जमीन से हर साल 6 करोड़ रु. की आमदनी, फिर भी बदहाल

 


 

शिवपुरी पोहरी तहसील क्षेत्र के गांवों में मंदिरों की 3 हजार 700 बीघा से अधिक जमीन है, जिनका सालों से कोई लेखा-जोखा नहीं है। राजस्व रिकाॅर्ड में दर्ज उक्त जमीनों पर हर साल प्रति बीघा औसत 16 से 17 हजार रुपए की उपज मानें तो हजारों बीघा में हर साल 6 करोड़ की आमदनी हो रही है। मंदिरों व दरगाह के ठेकेदार बनकर बैठे सालों से अपनी जेबें भरते आ रहे हैं लेकिन मंदिर व दरगाह की मरम्मत तो दूर ठीक से पुताई तक नहीं कराई जा रही है।

अनुभाग मुख्यालय पोहरी से लेकर क्षेत्र के 125 से अधिक गांवों में 250 से ज्यादा मंदिर हैं, जिनके नाम से हजारों बीघा जमीन दर्ज है। राजस्व रिकाॅर्ड में उक्त मंदिरों के प्रबंधक कलेक्टर हैं। कुछ मंदिर तो ऐसे हैं जिनकी 50 बीघा से 100 बीघा और इससे अधिक जमीन दर्ज है लेकिन इन जमीनों का कहीं काेई अता पता नहीं है। मंदिरों की जमीनों को लेकर राजस्व विभाग के पटवारी, आरआई, नायब तहसीलदार, तहसीलदार से लेकर एसडीएम और कलेक्टर तक अनदेखी कर रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मंदिरों की दुर्दशा और मंदिरों की जमीनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए किसी तरह का ध्यान नहीं दे रहे हैं।

दो उदाहरण : जल मंदिर का कायाकल्प नहीं, 85 बीघा जमीन हाेने के बाद भी दरगाह उपेक्षित

जल मंदिर राधाकृष्ण जी मंदिर पोहरी : मंदिर की जमीन के नाम से 3.21 हैक्टेयर जमीन है और कलेक्टर प्रबंधक हैं। अति प्राचीन इस मंदिर का कायाकल्प नहीं किया जा रहा है मंदिर परिसर में ट्रैक्टर आदि रखकर उपयोग हो रहा है। जमीन पर खेती कौन और कैसे करवा रहा है, इसे लेकर किसी ने ध्यान नहीं दिया है।

पीर जी की दरगाह पोहरी : दरगाह के नाम से 17.08 हेक्टेयर जमीन राजस्व रिकाॅर्ड में दर्ज है और प्रबंधक कलेक्टर हैं। दरगाह उपेक्षित पड़ी है। लेकिन सालों से बगवासा में स्थित जमीन पर खेती बटाई पर देकर कराई जा रही है। दरगाह के खादिम के रूप में दिलदार खां निवासी पोहरी का नाम दर्ज है। दिलदार रिटायर पटवारी बताए जा रहे हैं।

भटनावर: भटनावर में महादेव जी मंदिर की 74.36 हेक्टेयर जमीन है। इसी तरह राम जानकी मंदिर 45.98 हेक्टेयर, देवी जी मंदिर 13.12 हेक्टेयर, हनुमान जी मंदिर 8.18 हेक्टेयर और राधाकृष्णजी मंदिर की 3.51 हेक्टेयर जमीन है। इस तरह भटनावर में कुल भटनावर में 150.13 हेक्टेयर यानी लगभग 750 बीघा जमीन है।

राजस्व अधिकारियों से जानकारी लूंगा

मंदिरों की जीर्णोद्धार, मरम्मत और कायाकल्प के लिए जमीन दी गईं हैं। मंदिरों की जमीनों का दुरुपयोग करना गलत है। राजस्व विभाग के अधिकारियों से इस बारे में जानकारी लूंगा। कहीं कुछ गलत हो रहा है तो कार्रवाई कराएंगे।
सुरेश धाकड़, राज्य मंत्री, लोक निर्माण विभाग

मंदिरों की जमीनों की जांच कराएंगे

मंदिरों की जमीन खेती के लिए नीलाम की जाती हैं और प्राप्त राशि से पुजारी का जीवकोपार्जन, मंदिर की सामग्री व कायाकल्प पर खर्च किया जाता है। पोहरी में जिन मंदिरों के प्रबंधक कलेक्टर हैं, उनसे संबंधित जमीनों की जानकारी मंगवाकर जांच कराएंगे।
राजन नाडिया, एसडीएम पोहरी

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