बिर्रा -यज्ञ समिति बिर्रा एवं समस्त ग्रामवासियों द्वारा आयोजित अखंड राम नाम सप्ताह महायज्ञ का 154 वां आयोजन का सफलतापूर्वक समापन श्रीराम नाम संकीर्तन जै जैकारे और राम नाम सप्ताह अमर रहे की जयघोष के साथ निर्विघ्न संपन्न हुआ।
समापन की अंतिम 1 मिनट जहां सीताराम राधेश्याम की गूंज रही आवाजतत्पश्चात यज्ञाचार्य पं जितेन्द्र कृष्ण महराज एवं सप्त विप्र बंधुओं द्वारा मंत्रोच्चार कर यज्ञ हवन पूर्णाहुति और सहस्त्रधारा गंगा स्नान के साथ समापन हुआ। मुख्य यजमान श्रीमती संयुक्ता सिंह -हेमेंद्र रमण सिंह राहूल बाबा जी थे। आयोजन के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर आचार्य जितेन्द्र तिवारी ने यज्ञ समीति एवं समस्त सहयोगी जनों का आभार जताया और आशीर्वाद प्रदान किया गया।
समापन के बाद अंतिम महाआरतीराम नाम सप्ताह महायज्ञ में बिर्रा सहित, डभराखुर्द, घिवरा, सिलादेही, कैथा, पेंड्री, सलखन, कांसा, झूलन पकरिया,पचरी, कुरियारी, बर्रा, चकरदा, गाता पाली सरायपाली महासमुंद क्षेत्र से किर्तन मंडलियों का आगमन हुआ। जिन्हें यज्ञ समीति बिर्रा द्वारा नगद राशि रामायण गुटका प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कीर्तन मंडली चकरदा को पुरस्कृत करते हुए समिति के अध्यक्ष एवं अन्यपूरे सात दिनों तक भक्तिमय वातावरण में सीताराम राधेश्याम सीताराम राधेश्याम का किर्तन भजन हुआ। आयोजन को सफल बनाने यज्ञाचार्य पं जितेन्द्र कृष्ण महराज, भागवत प्रसाद पांडेय, नवरतन पांडेय, गुलाबचंद तिवारी, संजय तिवारी,विजय तिवारी, भूपेंद्र पांडेय, सुदर्शन दास वैष्णव,लाल रेवती रमण सिंह (लाल बाबा), विजय बहादुर सिंह, राहूल बाबा,सोमू बाबा, चेतन बाबा, छोटू बाबा,
महाभंडारा में भोजन पूरी प्रसाद ग्रहण करते हुए भक्तगणगीता प्रसाद तिवारी,मणीलाल कश्यप, एकादशिया साहू, कुलकित साहू, प्रकाश देवांगन, सौखीलाल पटेल, पंचराम कश्यप, उमेश कुमार कश्यप, कुंजीलाल देवांगन, राजकमल कर्ष, अभिराम गुरूजी, शशिभूषण कश्यप, अमरनाथ कश्यप,श्रवण कुमार कश्यप, जीवनचंद यादव,निलांबर सिंह दाऊ, लखनलाल देवांगन,महावीर धीवर,तिजाऊराम पटेल, चमरूराम साहू, गोपाल,गोवर्धन देवांगन, मन्नूलाल पटेल, रमेश कुमार साहू,कैलाश महापात्र, फिरतसिंह, जागेश्वर कहरा,सुगमचंद कर्ष, खम्हन कश्यप, संतोष साहू, नंदकुमार कश्यप, लक्ष्यनाथ देवांगन, नंदलाल श्रीवास, दिलहरण श्रीवास, दिलहरण सिंह, राजकुमार थवाईत,बूचन देवांगन, ताराचंद वैष्णव, एकांश पटेल सहित समस्त ग्रामवासियों का योगदान रहा।
हनुमान झंडे का ग्राम भ्रमण कर एवं भगवान की प्रतिमा को मठ मंदिर में विराजमान कर यज्ञ का समापन हुआ।




0 टिप्पणियाँ