शिवपुरी जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में सोमवार को अलग–अलग तबकों की समस्याएं सामने आईं। जनसुनवाई के दौरान जहां एक ओर दोनों पैरों से दिव्यांग युवक ने बैटरी चालित ट्राइसाइकिल की मांग को लेकर हंगामा किया, वहीं दूसरी ओर किसान, सामाजिक समुदाय और नगरवासी भी अपनी पीड़ा लेकर कलेक्टर के समक्ष पहुंचे।
बैटरी वाली ट्राइसाइकिल की मांग पर दिव्यांग युवक का विरोध
जनसुनवाई में पहुंचे दोनों पैरों से दिव्यांग अशफाक खान ने बैटरी वाली ट्राइसाइकिल न मिलने पर जमकर नाराजगी जाहिर की। अशफाक का कहना था कि वह पिछले दो वर्षों से कार्यालयों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसे ट्राइसाइकिल नहीं मिली। हंगामे के दौरान कर्मचारियों ने उसे जनसुनवाई कक्ष से बाहर कर दिया।
बाहर आकर अशफाक ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मदद की गुहार लगाई और कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी पर असुनवाई के आरोप लगाए।
वहीं सामाजिक न्याय विभाग ने स्पष्ट किया कि अशफाक का आवेदन स्वीकृत हो चुका है और उसे 7 अक्टूबर 2026 को बैटरी वाली ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल वैकल्पिक रूप से सामान्य ट्राइसाइकिल देने की बात कही गई, लेकिन वह बैटरी वाली ट्राइसाइकिल पर अड़ा रहा।
लोहपीटा समाज ने उठाई आवास और मूलभूत सुविधाओं की मांग -
जनसुनवाई में लोहपीटा समाज के लोगों ने आवास पट्टे, नल–जल और बिजली की मांग रखी। दीवान सिंह ने बताया कि वर्ष 2016 में प्रशासन द्वारा चंदनपुरा गांव में विस्थापित किए जाने के बाद से करीब 50 परिवार सड़क किनारे झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। पानी के लिए कई किलोमीटर दूर से लाना पड़ता है। समाज ने पट्टे देकर आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की।
कृषि दवा से चना–मसूर की फसल बर्बाद -
कोलारस अनुविभाग क्षेत्र के किसानों ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई कि खतौरा गांव स्थित एक कृषि सेवा केंद्र से खरीदी गई दवा के छिड़काव के बाद चना और मसूर की फसलें सूख गईं। किसानों के अनुसार 100 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं और सैकड़ों बीघा फसल नष्ट हो चुकी है। किसानों ने जांच, दुकानदार पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की।
पिछोर में जलसप्लाई ठप, नागरिकों ने की जांच की मांग -
नगर परिषद पिछोर के नागरिकों ने जलसप्लाई व्यवस्था को लेकर शिकायत पत्र सौंपा। आरोप है कि वर्ष 2018 से योजना कागजों में पूरी दिखाई जा रही है, लेकिन अधिकांश वार्डों में न तो पाइपलाइन बिछी है और न ही पानी पहुंच रहा है। नागरिकों ने कार्य की जांच और शीघ्र जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की।
करई डांडा गांव में अवैध कलारी से परेशान ग्रामीण -
करई डांडा गांव की जाटव बस्ती के ग्रामीणों ने बस्ती के बीच संचालित कथित अवैध कलारी को हटाने की मांग की। महिलाओं ने बताया कि शराबियों के कारण गाली–गलौज, हंगामा और असुरक्षा का माहौल बना रहता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और महिलाओं की सुरक्षा पर असर पड़ रहा है।
0 टिप्पणियाँ