खाकी पर दाग? बैराड़ TI सुरेश शर्मा के कार्यकाल में गलत आपराधिक रिकॉर्ड का खेल, पीड़ित परिवार पहुंचा SP-कलेक्टर के द्वार
शिवपुरी।न्यायालय से न्याय मिलने के बाद भी यदि खाकी का रवैया न बदले, तो आम नागरिक कहाँ जाए? ऐसा ही एक गंभीर मामला शिवपुरी जिले के बैराड़ थाने से सामने आया है, जहाँ न्यायालय द्वारा दोषमुक्त (बरी) किए जाने के बाद भी एक पीड़ित और उसके परिवार को पुलिस रिकॉर्ड में अपराधी दर्शाया जा रहा है। मामले से क्षुब्ध होकर बैराड़ निवासी गिर्राज ओझा ने पुलिस अधीक्षक (SP) और कलेक्टर शिवपुरी को एक शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता गिर्राज ओझा के अनुसार, उनके और उनके भाई के खिलाफ कुछ मामले दर्ज थे, जिनमें माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों और साक्ष्यों को सुनने के बाद उन्हें **पूर्णतः दोषमुक्त कर दिया था। नियमतः न्यायालय के फैसले के बाद पुलिस रिकॉर्ड (CCTNS और केस डायरी) में इसकी प्रविष्टि कर मामले को बंद किया जाना चाहिए था।
> पीड़ित का आरोप: बैराड़ थाना पुलिस और तत्कालीन टीआई सुरेश शर्मा के कार्यकाल के दौरान जानबूझकर हमारे रिकॉर्ड को अपडेट नहीं किया गया। कोर्ट से बरी होने के बाद भी पुलिस रिकॉर्ड में हमारे मामलों को 'लंबित' (Pending) दिखाया जा रहा है, जिससे समाज में हमारी छवि धूमिल हो रही है।"
> प्रताड़ना और बदनामी का खेल
गिर्राज ओझा ने अपनी शिकायत में साफ तौर पर कहा है कि गलत आपराधिक रिकॉर्ड का डर दिखाकर उनके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित और बदनाम किया जा रहा है। पुलिस द्वारा इस पुराने रिकॉर्ड का इस्तेमाल करके उन्हें परेशान करने की कोशिश की जा रही है। पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि:
पूरे मामले की किसी वरिष्ठ अधिकारी से **निष्पक्ष जांच** कराई जाए।
लापरवाह और दोषी पुलिस अधिकारियों पर **कड़ी दंडात्मक कार्रवाई हो।
पीड़ित परिवार की जान-माल की **सुरक्षा सुनिश्चित** की जाए।
## बड़ा सवाल: अदालत से दोषमुक्ति के बाद भी क्यों नहीं बदला रिकॉर्ड?
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
अपडेशन में देरी या साजिश?: क्या यह केवल पुलिस की प्रशासनिक लापरवाही है या फिर किसी रंजिश के तहत जानबूझकर रिकॉर्ड को अपडेट नहीं किया गया?
CCTNS पोर्टल की मॉनिटरिंग पर सवाल:** जब पूरी पुलिस व्यवस्था डिजिटल (CCTNS) हो चुकी है, तो कोर्ट के आदेश के बाद भी थानों में रिकॉर्ड पेंडिंग क्यों बोल रहे हैं?
जिम्मेदार कौन?: यदि इस गलत रिकॉर्ड की वजह से किसी नागरिक का पासपोर्ट, चरित्र प्रमाण पत्र (Character Certificate) या नौकरी प्रभावित होती है, तो उसका हर्जाना कौन भुगतेगा?
अब देखना यह होगा कि शिवपुरी एसपी इस संवेदनशील मामले में क्या एक्शन लेते हैं और बैराड़ पुलिस की इस कथित लापरवाही पर गाज गिरती है या नहीं।

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