भोपाल - मध्यप्रदेश के सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के इतिहास में कल यानी 10 जुलाई को एक और बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मालवा क्षेत्र के समग्र विकास को गति देने वाली उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग परियोजना का विधि-विधान से भूमि पूजन करेंगे। लगभग 98.73 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण पर 5,017 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसे मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा तैयार किया जाएगा।
सिंहस्थ-2028 और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधे जुड़ाव का रास्ता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इस ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग के बनने से उज्जैन सीधे **दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़ जाएगा, जिससे यातायात बेहद सुगम और तेज हो जाएगा। विशेष रूप से वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान राजस्थान, गुजरात समेत देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। इसके साथ ही इंदौर, भोपाल और पूरे मालवा क्षेत्र की कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।
2 साल में पूरा होगा काम, 35 लाख आबादी को फायदा
यह पूरी परियोजना अगले दो वर्षों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। इस मार्ग के तैयार होने से क्षेत्र के 5 विधानसभा क्षेत्रों (उज्जैन दक्षिण, घट्टिया, नागदा-खाचरौद, आलोट एवं जावरा) के करीब 62 गांव और 35 लाख की आबादी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
कुल लंबाई: 98.73 किलोमीटर (ग्रीनफील्ड फोरलेन)
लागत: 5,017 करोड़ रुपये
निर्माण अवयव: 3 रेल ओवरब्रिज (ROB), 9 बड़े पुल, 26 मध्यम पुल और 417 पुलियों का निर्माण किया जाएगा।
अतिरिक्त सुविधा: जावरा बायपास पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे इंटरचेंज से लेकर महू-नीमच फोरलेन मार्ग तक दोनों तरफ सर्विस रोड का निर्माण भी प्रस्तावित है।
आर्थिक और कृषि विकास को लगेंगे पंख
इस परियोजना से न सिर्फ आम जनता का सफर आसान होगा, बल्कि मालवा क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक और कृषि विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी।
इस मार्ग के बनने से किसान अपनी फसलों को बेहद कम समय में कृषि उपज मंडियों तक पहुंचा सकेंगे। साथ ही उद्योगों, लॉजिस्टिक्स और नए निवेश के लिए भी यह मार्ग गेम-चेंजर साबित होगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश

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