अकेली पाकर घर में घुसे हथियारबंद हमलावर, लहूलुहान हालत में मिला शव
बेटे ने दर्ज कराई थी एक दिन पहले शिकायत, परिवार के ही 8 लोगों पर हत्या का आरोप
एसडीओपी ने हत्या की पुष्टि की, लेकिन आरोपियों को बता रहे 'अज्ञात', परिजनों का दावा- सभी गांव में ही हैं मौजूद
ग्वालियर से एफएसएल टीम को बुलाया गया, वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर होगी जांच
शिवपुरी : मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक दहला देने वाली खबर सामने आई है। पिछोर थाना क्षेत्र के मालवनी गांव में रविवार की रात एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की घर में घुसकर कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात के समय महिला घर पर अकेली थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और ग्वालियर से फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।
अकेली थी राम प्यारी, घर में घुसकर उतारा मौत के घाट प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान 60 वर्षीय राम प्यारी लोधी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रविवार रात वह घर पर अकेली थी। उसके पति लखन लोधी और बेटे गांव से बाहर बटाई पर लिए गए खेत पर रुके हुए थे। घर में किसी और के न होने का फायदा उठाकर अज्ञात हमलावर घर में दाखिल हुए और राम प्यारी पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमला इतना भीषण था कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए।
जमीन विवाद की आशंका, एक दिन पहले हुई थी कहासुनी परिजनों ने इस हत्या के पीछे जमीन विवाद की गंभीर आशंका जताई है। मृतका के बेटे का आरोप है कि घटना से ठीक एक दिन पहले जमीन जोतने को लेकर परिवार के ही कुछ लोगों के साथ उनका विवाद हुआ था। इस विवाद की शिकायत उन्होंने पुलिस थाने में भी दर्ज कराई थी। परिजनों ने सीधे तौर पर परिवार के ही गोविंद, सुंदर, आशीष, अंकित, पर्वत, कमल, सिरनाम और रामजी लाल पर हत्या का आरोप लगाया है।
पुलिस 'अज्ञात' कह रही, परिजनों का दावा- 'आरोपी गांव में ही हैं' मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी प्रशांत शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिला की हत्या की पुष्टि की है, लेकिन फिलहाल आरोपियों को 'अज्ञात' बताया है। एसडीओपी शर्मा के मुताबिक, पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। हालांकि, परिजनों का दावा है कि जिन आठ लोगों पर उन्होंने हत्या का शक जताया है, वे सभी गांव में ही मौजूद हैं। परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप भी लगाया है।
ग्वालियर से बुलाई गई एफएसएल टीम, वैज्ञानिक साक्ष्यों पर टिकी जांच घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए ग्वालियर से एफएसएल की टीम को बुलाया गया है। टीम घटनास्थल का बारीकी से मुआयना करेगी और फिंगरप्रिंट, खून के नमूने व अन्य सबूत इकट्ठा करेगी। पुलिस का कहना है कि इन साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्यवाही की जाएगी और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इस हत्याकांड ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जमीन विवाद और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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