शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र में डीएड और बीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाने और फीस जमा करने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ठगी का शिकार हुए 60 से अधिक छात्र-छात्राएं रविवार को एकजुट होकर पिछोर थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी दफ्तर खोलकर बिछाया ठगी का जाल
थाने में दिए आवेदन में कॉलेज चौराहा (पिछोर) निवासी 23 वर्षीय कृष्णा पुरोहित ने बताया कि ग्वालियर जिले के भितरवार (ग्राम केरूआ) का रहने वाला प्रमोद शर्मा पिछोर के शिवपुरी रोड पर 'जीआईटीएम' (GITM) नाम से एक कार्यालय चला रहा था।
आरोपी खुद को विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़ा बताकर विद्यार्थियों को डीएड और बीएड में पक्का एडमिशन दिलाने का झांसा देता था। उसने दर्जनों छात्रों से नकद और ऑनलाइन माध्यम से लाखों रुपये ऐंठ लिए।
न फीस जमा की, न पैसे लौटाए; दफ्तर बंद कर फरार
पीड़ित छात्रों का आरोप है कि:
- कुछ छात्रों का एडमिशन तो कराया गया, लेकिन कॉलेजों में उनकी फीस जमा नहीं की गई।
- कई छात्रों से पूरे पैसे लेने के बावजूद एडमिशन तक नहीं कराया गया।
- जब छात्रों ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करने लगा।
पिछले करीब एक महीने से आरोपी का मोबाइल फोन बंद है और पिछोर स्थित उसका कार्यालय भी बंद पड़ा है। पैसे लेकर आरोपी के फरार होने से कई विद्यार्थियों का पूरा एक शैक्षणिक सत्र (Academic Session) बर्बाद हो गया है।
पुलिस को सौंपे ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और रसीद के सबूत
थाने पहुंचे पीड़ितों—जिनमें सत्यम शर्मा, संस्कार गुप्ता, शुभम जैन, विनोद जाटव, ध्रुव तिवारी, आदित्य बुंदेला, श्रुति शर्मा, आयुषी शर्मा, तनिष्का पाठक और सौम्या पाठक सहित 60 से अधिक छात्र शामिल हैं—ने पुलिस को बैंक ट्रांजैक्शन, रसीदें और मोबाइल चैट के दस्तावेज सौंपे हैं।
पुलिस कार्रवाई: रविवार को शिकायतों और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद पिछोर पुलिस ने आरोपी प्रमोद शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत FIR दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है।

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