
फाइल फोटो - फोटो : mansoon
भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को बताया कि दक्षिणी प्रायद्वीप पर चक्रवात ‘वायु’ का असर खत्म हो गया है। ऐसे में अब दक्षिण-पश्चिम मानसून के 21 जून को महाराष्ट्र पहुंचने की संभावना है। बहुप्रतीक्षित मानसून दक्षिण कोंकण और गोवा में 21 तो पूरे महाराष्ट्र में 24 या 25 जून को छाएगा। साथ ही मानसून के 4 जुलाई तक देश के 90 फीसदी हिस्से में पहुंचने की संभावना है।
पुणे स्थित मौसम विभाग ने कहा कि मानसून के पूरे महाराष्ट्र को कवर करने की संभावना है। मराठवाड़ा और विदर्भ जैसे सूखे इलाकों में अच्छी बारिश की उम्मीद है। इन इलाकों में अभी भारी जल संकट का सामना करना पड़ा रहा है। विभाग के अनुसार, अरब सागर में उठे चक्रवात वायु के कारण मानसून में देरी हुई है और इसका असर खत्म होने के बाद अब मानसून के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है।
एक अधिकारी का कहना है कि देरी के बावजूद मानसून के इस महीने के अंत तक कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना के बाकी हिस्सों, ओडिशा और पूर्वोत्तर में पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि ‘वायु’ के असर के खत्म होने के साथ ही मंगलवार को गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र तथा पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश हो सकती है। उनके अनुसार, सोमवार को गुजरात, गोवा और मध्य प्रदेश में भी कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। मानसून अगले हफ्ते मध्य प्रदेश पहुंच सकता है। उत्तरी सिक्किम में बादल फटने के बाद भारी बारिश हुई।
एक अधिकारी का कहना है कि देरी के बावजूद मानसून के इस महीने के अंत तक कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना के बाकी हिस्सों, ओडिशा और पूर्वोत्तर में पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि ‘वायु’ के असर के खत्म होने के साथ ही मंगलवार को गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र तथा पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश हो सकती है। उनके अनुसार, सोमवार को गुजरात, गोवा और मध्य प्रदेश में भी कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। मानसून अगले हफ्ते मध्य प्रदेश पहुंच सकता है। उत्तरी सिक्किम में बादल फटने के बाद भारी बारिश हुई।
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