शिवपुरी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से एक निजी स्कूल में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश अर्चना सिंह द्वारा बच्चों को बताया गया कि अच्छा स्पर्श और बुरा स्पर्श क्या होता है। यदि आपके माता-पिता अथवा दादा दादी के अलावा कोई आपको शरीर के प्राइवेट भागों में छूने की कोशिश करता है तो उसे बुरा स्पर्श कहा जाएगा। इसलिए बच्चों को इसे समझना आवश्यक है कि वह ऐसे स्थानों पर जहां पर कोई अनजान व्यक्ति उपस्थित है वहां अकेले में ना जाएं। साथियों उनके द्वारा बच्चों से जब पूछा गया कि यदि आप किसी लावारिस बच्चे को सड़क पर पाते हैं तो आप ऐसी स्थिति में क्या करेंगे। इस संबंध में बताया गया कि ऐसी स्थिति में उन्हें चाइल्डलाइन हेल्पलाइन नंबर 1098 पर डायल करना चाहिए और अपनी लोकेशन बता देनी चाहिए जिससे उक्त टीम बच्चों की यथोचित मदद कर सके।
अर्चना सिंह द्वारा बच्चों को यह भी बताया गया कि गलत लोगों द्वारा बच्चों से ट्रक एवं नशीले पदार्थों की सप्लाई भी करवाई जाती है और धीरे-धीरे बच्चों को इनका आदी बना दिया जाता है। कार्यक्रम में जिला विधिक सहायता अधिकारी शिखा शर्मा द्वारा बच्चों को बताया गया कि आजकल बच्चों के साथ ट्रैफिकिंग, नशा एवं अपराध करवाने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। ऐसी स्थिति में बच्चों को यह पता होना चाहिए कि किसी भी अनजान व्यक्ति के द्वारा दिए गए तोहफे या किसी आने लालच में ना आए क्योंकि आपके माता-पिता के अतिरिक्त अन्य कोई व्यक्ति यदि आपको कोई लालच या सुविधा दे रहा है तो जरूर इसमें उसका कोई स्वार्थ होगा। वह इसका फायदा उठाकर आपसे गलत काम करवाएगा इसलिए कभी भी कुछ आपत्तिजनक कार्य होने की स्थिति में बच्चों को सबसे पहले अपने माता-पिता को बताना चाहिए। यदि माता-पिता बच्चों की बात को गंभीरता से नहीं लेते हैं तो बच्चों को अपने अध्यापक से बात करनी चाहिए।
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