कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त छापेमारी में ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे के होश उड़ा दिए हैं। कभी साधारण बस ड्राइवर की नौकरी करने वाला शख्स अब सोने और नोटों के पहाड़ पर बैठा मिला!
बस की स्टीयरिंग छोड़ पकड़ा 'काले धन' का गियर
फरार चल रहे कुख्यात पत्थर कारोबारी तुलु मंडल (मोहम्मद नजीबुद्दीन) के मैनेजर और बहनोई मीनार मंडल के ठिकाने पर जब सुरक्षाबलों ने दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं। छापेमारी में 28.5 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कैश और 15 किलो शुद्ध सोना बरामद किया गया है।
अधिकारियों की मानें तो यह राज्य में अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली जब्तियों में से एक है।
पाई-पाई जोड़ने वाले ड्राइवर से 'अरबपति' बनने का तिलस्म
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी मीनार मंडल पहले राज्य परिवहन विभाग में एक मामूली बस ड्राइवर हुआ करता था। लेकिन जल्द ही उसने स्टीयरिंग छोड़ी और पत्थर के काले कारोबार में उतर गया। फिर क्या था—देखते ही देखते उसकी तकदीर ऐसी बदली कि घर में नोटों और सोने के खजाने जमा होने लगे!
कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप
- गिरफ्तारी और सील: पुलिस ने मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया है और उसके आलीशान घर को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
- बेटा भी हिरासत में: मामले की गहराई तक जाने के लिए मीनार मंडल के बेटे को भी हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है।
- मास्टरमाइंड की तलाश जारी: मुख्य आरोपी पत्थर कारोबारी तुलु मंडल फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और सवाल उठ रहे हैं कि इतने बड़े पैमाने पर काले धन की काली कमाई का यह खेल कब से चल रहा था!

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