डेयरी संचालन से श्रीमती रचना की बढ़ी आमदनी "खशियों की दास्तां"
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शिवपुरी | 16-सितम्बर-2019 जिले के विकासखण्ड शिवपुरी के ग्राम बड़ौदी निवासी श्रीमती रचना यादव प्रतिमाह लगभग 60 हजार से अधिक की आमदनी प्राप्त करती है और सफलतापूवर्क डेयरी का संचालन कर रही है। इसमें गांव के अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है और यह संभव हुआ आचार्य विद्या सागर गौसंवर्धन योजना के कारण।
श्रीमती रचना यादव पत्नि श्री राजेन्द्र यादव का कहना है कि पहले वह घरेलू कामकाज के साथ ही घर में उपलब्ध 6 देशी भैंसो की देखभाल एवं चारेपानी की व्यवस्था करती थी। जिससे लगभग 24 लीटर दूध प्राप्त होता था। जिसमें कुछ दूध घरेलू उपयोग में निकालने के बाद शेष दूध को उपभोक्ताओं को बेचा जाता था। दूध बेचकर प्रतिमाह लगभग 26 हजार रूपए की आमदनी हो जाती थी। जिसमें से पशुओं का चारा एवं अन्य खर्चा निकालने के बाद 7 हजार रूपए तक बच जाते थे। ऐसा महसूस होता था कि मेहनत अधिक हो रही है जबकि लाभ कम मिल रहा है। एक दिन समाचार पत्र के माध्यम से आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना के बारे में पता चला।
श्रीमती रचना यादव अपनी खुशी व्यक्त करते हुए बताती है कि जब उन्हें पता चला कि यह योजना पशुपालन विभाग द्वारा संचालित की जा रही है, उन्होंने अपने पति को यह बात बताई। पशु चिकित्सालय शिवपुरी में डॉ.एम.के.गुप्ता से संपर्क कर योजना की जानकारी प्राप्त की। वहां से उन्हें उन्नत पशु डेयरी स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन मिला। श्रीमती रचना ने 8 लाख 40 हजार की लागत की डेयरी इकाई के लिए आवेदन दिया। जिसमें डेढ़ लाख रूपए अनुदान एवं 6 लाख रूपए इण्डियन ऑवरसीज बैंक शिवपुरी से ऋण के रूप में स्वीकृत किए गए। पूंजी हाथ में आने के बाद 5 दुधारू मुर्रा भैंस खरीदी, जिनसे अब प्रतिदिन 52 लीटर तक दूध मिलता है। जिसे बेचकर प्रतिमाह 62 हजार रूपए से अधिक की आमदनी हो जाती है और सभी खर्चें आदि निकालने के बाद लगभग 16 हजार रूपए आय प्राप्त होती है।
उनका कहना है कि अब ऐसा लगता है कि वे केवल घरेलू कामकाजी महिला न होकर स्वयं का कोई व्यवसाय कर रही है। आत्मनिर्भर होकर अच्छा महसूस होता है। डेयरी संचालन में उनके पति व परिवार के अन्य सदस्यों का भी पूर्ण सहयोग मिलता है।
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