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shivpuri News : जिला अस्पताल में गेट पास बनवाते समय जेब से 10 हजार रुपए पार, घटना सीसीटीवी में कैद, तीन दिन बाद आरोपी को पकड़कर पुलिस के किया हवाले

 

शिवपुरी के जिला अस्पताल में इलाज के लिए आए एक युवक की जेब से 10 हजार रुपए चोरी हो गए। पीड़ित ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो एक संदिग्ध युवक उसकी जेब से रुपए निकालते हुए दिखाई दिया। बाद वही युवक अस्पताल परिसर में फिर दिखाई दिया। पीड़ित ने उसे पहचानकर पकड़ लिया और सीधे पुलिस थाने ले जाकर सौंप दिया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी के साथ एक और युवक भी था, जो मरीज या अटेंडर बनकर अस्पताल में घूम रहा था। वहीं, जिला अस्पताल में पहले भी इस तरह की वारदातें हो चुकी हैं, जिससे जेबकतरों के सक्रिय गैंग होने की आशंका जताई जा रही है।

नरवर के गणेश बाजार निवासी 36 वर्षीय केशव राठौर अपनी पत्नी दीक्षा राठौर को प्रसव के लिए 20 जुलाई को जिला अस्पताल लेकर आए थे। पत्नी को जच्चा वार्ड में भर्ती कराने के बाद सुबह करीब 11:20 बजे वह ट्रॉमा सेंटर में गेट पास बनवाने के लिए लाइन में खड़े थे। इसी दौरान एक युवक उनके पीछे सटकर खड़ा हो गया।

गेट पास बनवाने के बाद जब केशव पत्नी के पास पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनकी पैंट की पिछली जेब में रखे 10 हजार रुपए गायब हैं। उन्होंने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी, जिसमें काली टी-शर्ट और काला लोअर पहने एक युवक उनकी जेब से रुपए निकालते हुए दिखाई दिया।

केशव ने बताया कि चोरी हुए 10 हजार रुपए वह प्रसव के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए उधार मांगकर लाए थे। घटना के बाद उन्होंने आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। बीते रोज वही युवक उन्हें दोबारा जिला अस्पताल परिसर में दिखाई दिया। युवक उन्हें देखकर भागने लगा, लेकिन केशव ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम विशाल शाक्य पुत्र लालू शाक्य निवासी फिजिकल थाना क्षेत्र, शिवपुरी बताया। इसके बाद पीड़ित उसे पकड़कर थाने पहुंचा और पुलिस के हवाले कर दिया।

पीड़ित का कहना है कि पकड़ा गया युवक अकेला नहीं था। उन्हें शक है कि उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी था, जो मरीज या अटेंडर बनकर अस्पताल में मौजूद था और दोनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया।

गौरतलब है कि जिला अस्पताल में मरीज और उनके परिजनों को निशाना बनाने वाले जेबकतरों के सक्रिय होने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। भीड़भाड़ वाले स्थानों, पर्ची और गेट पास काउंटरों पर मरीज या अटेंडर बनकर घूमने वाले बदमाश जेबकटी और चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। इससे पहले भी अस्पताल परिसर में इस तरह की कई वारदातें हो चुकी हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह किसी संगठित गैंग का काम हो सकता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और यह भी जांच की जा रही है कि उसके साथ अन्य साथी भी इस वारदात में शामिल थे या नहीं।

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