भोपाल। मध्यप्रदेश में सियासी उठापटक के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद कमलनाथ सरकार का जाना लगभग तय हो गया है। सिंधिया समर्थक छह मंत्रियों समेत 19 विधायकों ने मंगलवार को बेंगलुरु से ई-मेल के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को अपने इस्तीफे भेजे हैं।
वहीं, मुख्यमंत्री कमनलाथ ने भी मंगलवार को राज्यपाल लालजी टण्डन को पत्र लिखकर सिंधिया समर्थक छह मंत्रियों को हटाने की सिफारिश कर दी है। इनमें इमरती देवी, तुलसीराम सिलावट, प्रद्युम्न सिंह तोमर, गोविन्द सिंह राजपूत, डॉ. प्रभुराम चौधरी और महेन्द्र सिंह सिसोदिया शामिल हैं।
दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट के माध्यम से कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपा। इसी बीच पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा सिंधिया को पार्टी से निलंबित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि सिंधिया आज भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं। सिंधिया के इस्तीफे के बाद उनके समर्थक मंत्रियों-विधायकों ने अपने-अपने इस्तीफे भेज दिये हैं।
इसी बीच मुख्यमंत्री कमनलाथ ने भी राज्यपाल लालजी टण्डन को पत्र लिखकर सिंधिया समर्थक महिला बाल विकास मंत्री इमरती देवी, स्वास्थ्य मंत्री तुसली सिलावट, परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया, खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी को तत्काल मंत्री पद से हटाने की सिफारिश कर दी।

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