जोधपुर में कोरोना संक्रमितों की संख्या दो दिन की अपेक्षा मंगलवार को कुछ कम अवश्य हुई लेकिन अभी भी यह खतरनाक स्तर पर चल रही है। जोधपुर में एक ही दिन में 1545 नए संक्रमित सामने आए। नए संक्रमितों की बढ़ती संख्या के साथ मौतों का लगातार बढ़ता आंकड़ा अब डराने लगा है। जोधपुर में मंगलवार को एक दिन में 17 संक्रमितों की मौत हो गई। प्रदेश में सबसे अधिक मौतें जोधपुर में ही हो रही है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश में सबसे ज्यादा संक्रमण की रफ्तार 43 प्रतिशत जोधपुर में ही है। दो दिन में देखें तो 35 लोगों ने दम तोड़ा। सबसे ज्यादा मौत आक्सीजन की कमी से हुई।
108 माैताें में से 42 काे कोई दूसरी बीमारी नहीं थी; अधिकांश का दम घुटा
जनवरी से 20 अप्रैल तक 143 संक्रमित दम तोड़ चुके हैं। इनमें से 38 फीसदी यानी 42 मृतक ऐसे थे जो शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ थे। जबकि पहली लहर में यह आंकड़ा केवल एक-दो प्रतिशत ही था। अधिकांश की मौत ऑक्सीजन की कमी से सीधे दम घुटने से हुई। डॉक्टर मौत का कारण हार्ट फेलियर और एआरडीएस बता रहे हैं। इस साल 34 मृतक केवल 50 वर्ष तक की आयु के थे, इनमें भी ज्यादातर की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच की थी। वहीं पिछले साल अधिकांश मौतें बुजुर्गों और दूसरी गंभीर बीमारियों से पीड़ितों की हुई थी। हालांकि इस वर्ष 61 प्रतिशत मौतें कोरोना के साथ कॉमोबिड कंडिशन की हैं।
राहत की बात- 423 लोग ठीक होने पर डिस्चार्ज
मौतों की बढ़ती संख्या ने लोगों को सहमा कर रख दिया है। सोमवार को भी जोधपुर में 18 संक्रमितों ने दम तोड़ा था। इसके बाद मंगलवार को 17 मौत हुई। आज सबसे राहत की बात यह है कि 423 लोगों को ठीक होने पर डिस्चार्ज किया गया। एक दिन पूर्व सिर्फ 80 लोगों को डिस्चार्ज किया जा सका। ऐसे में एक्टिव केस की संख्या तेजी के साथ बढ़ते हुए 10,955 तक जा पहुंची है।
संक्रमण की दर डरावनी
वहीं संक्रमण की दर भी डरावनी रफ्तार से बढ़ रही है। जोधपुर में सोमवार को संक्रमण दर बढ़कर 43 फीसदी तक पहुंच गई। 3,811 सैंपल की जांच में 1,641 पॉजिटिव पाए गए। यानी करीब हर दूसरा सैंपल जांच में संक्रमित निकला। संक्रमण का यह स्तर भी प्रदेश में सर्वोच्च है। रविवार काे भी यहां संक्रमण दर 33 फीसदी थी।
सबसे अधिक संक्रमित शास्त्री नगर में मिले
जोधपुर शहर में आज सबसे अधिक 201 संक्रमित शास्त्री नगर में मिले। इसके अलावा मसूरिया में 199, मधुबन में 187, रेजीडेंसी में 168, प्रताप नगर में 159, बीजेएस में 152 संक्रमित मिले। शहरी क्षेत्र में सबसे राहत भरा समाचार यह है कि परकोटे के भीतर बसे शहर में आज सिर्फ 32 नए संक्रमित मिले। गत कुछ दिनों से शास्त्री नगर क्षेत्र हॉट स्पॉट बना हुआ है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में सबसे अधिक 161 संक्रमित बनाड़ क्षेत्र में मिले।
डॉक्टर बोले- इलाज में विलम्ब बन रहा मौत का सबसे बड़ा कारण
जोधपुर में दो दिन से पूरे प्रदेश में सबसे अधिक कोरोना संक्रमितों की मौतें हो रही है। इन मौतों के कारणों को लेकर डॉक्टर किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमित की मौत के कई कारण हो सकते हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण तो यह है कि संक्रमित होने का प्रभाव नजर आने के बावजूद लोग समय पर इलाज कराने नहीं पहुंचते। शुरुआत घर पर ही इलाज से होती है। वर्तमान में कोरोना की मार सबसे अधिक फेफड़ों पर हो रही है। इलाज में विलम्ब होने पर वायरस फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंचा चुका होता है। इसके बाद डॉक्टरों के लिए ऐसे मरीजों को बचा पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में चेस्ट रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. सीआर चौधरी का कहना है कि लोगों को चाहिये कि वे किसी तरह का सिम्पटम नजर आते ही अपनी जांच करवा कर डॉक्टर से परामर्श लेकर ही इलाज शुरू करवाएं। ताकि बीमारी को शुरू होते ही काबू में किया जा सके।

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