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दो साल बाद खुलीं आंगनबाड़ी, मासूमों को नहीं मिला पोषण आहार, केंद्रों से भूखे लौटे बच्चे

 


शिवपुरी प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण दो साल पहले बंद पड़े आंगनबाड़ी केंद्रों को सोमवार से पुनः खोल दिया। इन्हें सामान्य रूप से संचालित करने के आदेश भी दे दिए गए हैं, लेकिन शिवपुरी में आंगनबाड़ी केंद्र बिना किसी तैयारी के खोल दिए गए। कुछ केंद्रों पर नाम मात्र के बच्चे पहुंचे तो कुछ केंद्र ऐसे थे, जहां पोषण आहार की आस में बच्चे तो पहुंचे, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर मध्यान्ह भोजन नहीं पहुंचने से बच्चों को भूखे ही वापस घर लौटना पड़ा। मझेरा में तो कंट्रोल संचालक ने पोषण आहार के लिए कीड़े वाला बदबूदार घुना हुआ गेंहू व चावल सप्लाई किया है।

कुछ केंद्रों पर पहुंच मध्यान भोजन
शहर में कुछ आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे भी थे जहां स्व-सहायता समूहों ने पोषण आहार के रूप में मध्यान्ह भोजन भेज था, लेकिन ऐसे केंद्रों की संख्या सिर्फ अंगुलियों पर गिनने लायक ही हैं।

कहां क्या मिले हालात
वार्ड क्रमांक 5 की आंगनबाड़ी पर बच्चों को मध्यान्ह भोजन के रूप में रोटी, सब्जी दिया गया, लेकिन केंद्र पहुंचने वाले बच्चों की संख्या नहीं के बराबर थी।
वार्ड क्रमांक-18 में बच्चों को मध्यान्ह भोजन पोषण आहार के रूप में पूड़ी सब्जी दी गई।
वार्ड 15 के आंगनवाड़ी केंद्र-39 पर बच्चों को नाश्ते के दलिया देकर लौट दिया गया। यहां दोपहर में खाने की आस में पहुंचे बच्चों को भूखा ही घर लौटना पड़ा। यही हाल इसी वार्ड की सीएमएचओ आॅफिस के पीछे वाली आंगनबाड़ी केंद्र का रहा।
ग्राम मझेरा में भी बच्चों को सिर्फ खिचड़ी देकर लौट दिया गया। यहां से भी बच्चे बिना मध्यान्ह भोजन के लौटे।

गेंहू-चावल में कीड़े हैं, कैसे भेजते खाना..?
ग्राम मझेरा में बच्चों को पोषण आहार बना कर देने वाले स्व-सहायता समूह दूल्हा सैय्यद की अध्यक्ष सन्नो खान से जब खाना न देने के बारे में बात की गई तो उसका कहना था उन्हें कंट्रोल संचालक ने घुना हुआ गेंहू सप्लाई किया है। चावल और गेंहू में कीड़े भरे हुए हैं। ऐसे में मैं आंगनवाड़ी केंद्र पर खाना कैसे भेजती?

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