राज्य के ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आज नक्षत्र रिजॉर्ट एवं गार्डन में विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) — VB-G RAM-G जी अधिनियम, 2025 के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नेहा यादव तथा भाजपा जिला अध्यक्ष श्री जसवंत जाटव , जनपद अध्यक्ष श्रीमती हेमलता रावत , नगर पालिक अध्यक्ष श्रीमती गायत्री शर्मा एवं समस्त पत्रकार गढ़ भी उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंत्री श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद द्वारा पारित यह अधिनियम ग्रामीण भारत के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसका उद्देश्य ‘विकसित गांवों’ के माध्यम से ‘विकसित भारत’ की मजबूत नींव रखना है। उन्होंने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को निराधार बताते हुए कहा कि सरकार जनता तक अधिनियम की वास्तविक भावना और सही तथ्य पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। रोजगार की गारंटी और सशक्त प्रावधान मंत्री श्री तोमर ने बताया कि इस अधिनियम के तहत मनरेगा में 100 दिनों के स्थान पर अब 125 दिनों के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की गई है। साथ ही, तय समय में कार्य न मिलने पर बेरोजगारी भत्ते के प्रावधान को और अधिक सशक्त बनाया गया है। मजदूरी भुगतान में देरी होने की स्थिति में श्रमिकों को अतिरिक्त राशि (हर्जाना) देने का भी प्रावधान किया गया है। प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने हेतु ग्राम रोजगार सहायकों, मैट एवं तकनीकी सहायकों के मानदेय और प्रशिक्षण पर होने वाले प्रशासनिक खर्च को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है। पंचायतों को मिला अधिक अधिकार इस अधिनियम के तहत विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देते हुए गांवों के विकास की योजना अब केंद्र के बजाय ग्राम पंचायत और ग्राम सभा स्वयं तैयार करेंगी। परिवारों का पंजीकरण, जॉब कार्ड जारी करना और कार्य के आवेदन लेना सीधे ग्राम पंचायतों के अधीन होगा। इसके साथ ही, कम से कम 50 प्रतिशत कार्यों का क्रियान्वयन सीधे ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा। कृषि एवं महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस कृषि कार्यों के दौरान मजदूरों की कमी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारों को वर्ष में अधिकतम 60 दिनों तक योजना के कार्य अधिसूचित करने का अधिकार दिया गया है। वहीं, महिला सशक्तिकरण के तहत लखपति दीदी योजना और स्व-सहायता समूहों (SHG) की बहनों के लिए स्किल सेंटर, शेड निर्माण और हाट जैसे कार्यों के माध्यम से गांव में ही आजीविका के अवसर सृजित किए जाएंगे। पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस मंत्री श्री तोमर ने कहा कि अधिनियम में जीरो करप्शन की नीति अपनाई गई है। प्रत्येक कार्य का सोशल ऑडिट अनिवार्य होगा ताकि ग्रामीण स्वयं कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी कर सकें। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति, GIS तकनीक, मोबाइल ऐप और डैशबोर्ड के माध्यम से तकनीकी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अंतर्गत जल संरक्षण, स्कूल-अस्पताल निर्माण और आपदा प्रबंधन जैसी बुनियादी संरचनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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