कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी के वैज्ञानिकों द्वारा सरसों की फसल में माहू कीट जिससे मोयला के नाम से भी किसान भाई जानते हैं के बारे में सामयिक परामर्श दिया गया है। माहू कीट का संभवतः कहीं-कहीं प्रकोप सरसों की फसल में वर्तमान मौसम स्थिति को देखते हुए हो सकता है। शिवपुरी जिले में रबी की प्रमुख तिलहनी फसल सरसों में माहू कीट से बचाव और नियंत्रण के लिए किसान सरसों फसल की निगरानी खेत पर जाकर करें। कहीं-कहीं फसल पर माहू कीट शुरुआत में खेत के किनारों पर ही दिखाई देता है और तीव्रता से वृद्धि कर अपने बच्चे देकर फसल के फूल और पुष्पक्रम से रस चूस कर उपज में क्षति करता है। फसल को माहू (मोयला) से बचाव के लिए अधिक तीव्रता से चिपके हुए माहू कीट वाली सरसों की डंडियों को तोड़कर एक बोरे में डालकर नष्ट करें या भूमि में दबा दें।
रासायनिक कीटनाशकों में से इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. की 0.4 मिली.या थायोमिथाक्जाम 25 डब्ल्यू पी. की 0.4 ग्राम या डाइमिथोएट 30 ई.सी. की 1.5 मि.ली. प्रति लीटर पानी के मान से घोल बनाकर फसल पर छिड़काव करें। एक हेक्टर क्षेत्र में 500 लीटर पानी का प्रयोग दवा के मान अनुसार ही करें। अधिक जानकारी के लिए कृषि विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों से संपर्क कर सकते हैं।

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