सड़कों पर अतिक्रमण कर सजाई दुकानें, यातायात प्रभारी का नहीं हैं ध्यान
-शहर में धड़ल्ले से प्रवेश कर रहे हैं भारी वाहन
-पॉइटों पर नजर नहीं आते यातायात पुलिस कर्मी
-चालानी कार्यवाही में मसगूल नजर आते हैं ट्रेफिक पुलिसकर्मी
शिवपुरी । शहर में ट्रेफिक व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर के निर्देशन में यातायात प्रभारी लगे हुए हैं यातायात प्रभारी द्वारा नियमों का पालन कराने के लिए जिले भर के लोगों के वाहनों, स्कूल बसों, भारी वाहनों, सहित शहर में सड़कों पर अतिक्रमण कर सजाई गई दुकानों के लिए पहले तो उन्होंने गांधी गिरी तरीके से अभियान चलाकर शहर की सड़कों को चौड़ा कराने का प्रयास किया लेकिन अब उन्होंने अपनी नीति ही बदल ली हैं। अब तो उन्होंने सिर्फ और सिर्फ यातायात व्यवस्था से उन्हें कोई लेना देना ही नहीं रहा हैं। कोई भी यातायात पुलिस कर्मी पॉन्ट पर खड़ा हो या नहीं उन्हें इससे कोई लेना देना नहीं हैं। उन्होंने तो सिर्फ-सिर्फ दिन भर चालानी कार्यवाहियों का टारगेट फिक्स कर लिया हैं। यह पूरा करके ही दम लेते हैं चाहे वह गरीब हो या ग्रामीण उन्हें सिर्फ और सिर्फ चालान बना ही हैं। चाहे सी.सी. टी.व्ही कैमरों के माध्यम से हो या फिर स्वयं के चौराहे पर खड़ा होकर चालान काटना ही क्यों न पड़ेंं। क्योंकि इसके पीछे का राज तो कुछ और ही हैं?
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भारी वाहनों का दिन दहाड़े हो रहा हैं शहर में प्रवेश
शहर में पिछले काफी दिनों से पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर भारी वाहनों का शहर में प्रवेश वर्जित हैं इसके बाद भी भारी वाहन सुबह 8 बजे से लेकर 12 बजे तक शहर में खड़े दिख जायेंगे लेकिन यह भारी वाहन शहर में यातायात पुलिस कर्मियों को दिखाई नहीं दे रहे हैं। न ही यह भारी वाहन सी.सी.टी.व्ही कैमरों कैद हो पा रहे हैं और न ही इन पर कोई कार्यवाही की जा रही हैं। इतना ही नहीं शहर के बीचों-बीच यात्री बसें भी ट्रांसपोर्टिंग का काम खुले रूप से कर रही हैं लेकिन इन पर भी आज तक किसी भी पुलिस कर्मी की कार्यवाही करने की जहमत तक नहीं उठाई हैं। अब देखना यह है कि हमारे गांधी गिरी करने वाले यातायात प्रभारी इन भारी वाहनों और यात्री बसों पर कार्यवाही कर पाते हैं या नहीं?
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कोर्ट रोड़ पर बीच सड़क पर खड़ी रहती हैं मोटर साईकिलें फतेहपुर चौराहे पर शाम को जमावड़ा लगता है. क्यों. शहर के हृदय स्थल पर माधव चौक से अस्पताल चौराहे की ओर यदि देखें तो दुकानदारों द्वारा आधी सड़क पर अतिक्रमण करके अपनी दुकानों का सामान धर कर सड़क को घेर लिया जाता हैं। इतना नहीं कोर्ट रोड़ पर एक कॉम्प्लेक्स संचालक और मेडीकल की दुकानदारों द्वारा उनकी दुकान पर दवायें लेने आने वाले उपभोक्ताओं द्वारा अपने वाहनों को बीच सड़क पर खड़ा करके सड़क को घेर लिया जाता हैं। इन दुकानदारों के खिलाफ न तो आज तक यातायात विभाग ने कोई कार्यवाही की नहीं उनको यह वाहन दिखाई देते हैं। सड़क पर वाहन खड़ने होने के कारण चाहे जब शहर में जाम जैसी स्थिति निर्मित होती हैं। यहां पर यातायात विभाग कार्यर्करता हुआ दिखाई नहीं देता हैं।
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अघोषित बस स्टेण्ड बना मानस भवन
शहर के बीचों में सब्जी मंडी में माल लेकर आने वाले वाहनों द्वारा अघोषित स्टेण्ड का रूप मानस भवन के सामने खाली पड़ी जमीन को बना लिया हैं। यहां पर दिन दहाड़े ट्रक व मेटाडोर ड्रायवरों द्वारा आराम किया जाता हैं और अपने वाहनों को खड़ा रखा जाता हैं। इस बात की जानकारी यातायात प्रभारी को होने के बाद भी आज तक कार्यर्वाही करने की कोई जहमत नहीं उठाई।
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न शहर में पार्किंग जॉन, काटी जा रही है 500 की रसीद
शहर के जागरूक नागरिकों का कहना है कि पुलिस विभाग पहले तो यह बताए कि आखिर कार शहर में क्या पार्किंग जॉन घोषित कर दिए हैं कहां बनाए हैं और हम अपने वाहनों को कहां पर खड़ा करें। क्या इसी तरीके आम पार्किंग जॉन के नाम पर लगातार 500 रूपए की चालानी कार्यवाहियां का दंश झेलते रहेंगे। या फिर पुलिस पार्किंग जॉन घोषित करेगी। जिससे की शहर वासियों को अपनी गाड़ी खड़ी करने के लिए सुविधा उपलब्ध हो सके।
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