वर्षाकाल के दौरान विदिशा जिले में किसी भी प्रकार की क्षति ना हो इसके लिए किए जाने वाले प्रबंधनों पर आज विचार विमर्श किया गया। अपर कलेक्टर श्री वृंदावन सिंह की अध्यक्षता में नवीन कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में सम्पन्न हुई इस बैठक में समस्त एसडीएम एवं विभिन्न विभागो के अधिकारी मौजूद थे।
अपर कलेक्टर श्री सिंह ने सभी अधिकारियों से कहा कि बाढ़ नियंत्रण हेतु जिला स्तर पर बनाई जाने वाली कार्ययोजना को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए जिसमें पूर्व वर्षो के बाढ़ प्रभावी क्षेत्रों में किए गए प्रबंधो को आधार बनाया जाए। उन्होंने इस प्रकार की टीमे तहसील स्तर पर भी गठित करने के निर्देश दिए है। अपर कलेक्टर ने कहा कि टीमवर्क की भावना से आपदा प्रबंधन के कार्यो का क्रियान्वयन किया जाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में बाढ आती है तो उस क्षेत्र के प्रभावितों के लिए ठहरने, दवाईयां, पेयजल आपूर्ति के अलावा अन्य बुनियादी सुविधाओं की पूर्ति हेतु कार्ययोजनाओं में स्पष्ट रूप से चिन्हांकन किया जाए।
अपर कलेक्टर श्री सिंह ने कि हर विभाग की अपनी टीम अपने आप तैयार रहें ताकि आवश्यकता पड़ने पर जैसे ही सूचना प्राप्त हो अविलम्ब मोर्चे पर डंट जाए। जिला मुख्यालय के साथ-साथ ग्राम स्तर पर किए जाने वाले आपदा प्रबंधन के संबंध में उनके द्वारा बिन्दुवार समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की सड़के है उन विभागों के अधिकारियों का नैतिक दायित्व है कि वे सड़कों में पड़ने वाली पुल-पुलियों पर संकेतक चिन्हों को लगवाएं और पुल-पुलियो के दोनो तरफ कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करते हुए बैरियर अवश्य स्थापित कराए जाएं।
बाढ़ आपदा प्रबंधन पर आधारित महत्वपूर्ण जानकारियां एवं पूर्व तैयारियों और राहत बचाव के संबंध में विभागों की एकजाई जानकारी संग्रहित की जाए और जिसकी प्रतियां सभी विभागों के अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि हर विभाग के नोड्ल अधिकारी एवं उसके सहायक नोड्ल अधिकारी का नाम एवं सम्पर्क नम्बर खण्ड स्तरीय कंट्रोल रूम में अनिवार्य रूप से दर्ज कराया जाए। उन्होंने स्थानीय स्थल के गोताखोरो की सूची तैयार कर एक प्रति जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने की बात कही।
अपर कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि विदिशा नगर क्षेत्र में बेतवा नदी और वर्षारूपी जल बस्तियों में भर जाता है जिसका चिन्हांकन पूर्व में किया जा चुका है। इसके अलावा और नए क्षेत्रों में जलभराव की संभावना हो तो उसकी सूची तैयार की जाए।
वर्षाकाल के दौरान अनुविभाग क्षेत्र के सभी अधिकारी कर्मचारी समन्वय स्थापित कर एक दूसरे से सतत सम्पर्क बनाए रखेंगे। जिला मुख्यालय के साथ-साथ सभी तहसीलों में कंट्रोल रूम बनाए जाए। जिनके नम्बर अधिक से अधिक प्रसारित किए जाएं। कंट्रोल रूम को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने हेतु नाम दर्ज अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए।
अपर कलेक्टर श्री सिंह के द्वारा जल संसाधन विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले में छोटे बडे सभी बांधों, तालाबो में जल भराव के उपरांत बेस्ट वेयर गेट खोले जाते है तो उसकी सूचना पूर्व में निचले स्तरों पर दी जाए ताकि बेस्ट वेयर के जल से प्रभावित होने वाला क्षेत्र के रहवासियों को सतर्क किया जा सकें। इसी प्रकार भोपाल के कलिया सोद डेम का पानी छोडे जाने से बेतवा नदी में जल भराव अधिक हो जाने के कारण बाढ जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है अतः भोपाल के संबंधित अधिकारियों से सतत सम्पर्क बनाए रखे और उनके द्वारा डेेम से पानी छोडे जाने की सूचनाएं पूर्व में ही प्राप्त की जाए।
अपर कलेक्टर श्री सिंह ने ऊर्जा विभाग के अधिकारी से कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक जगह डीपी खुली हुई है। अतः वर्षाकाल के दौरान बिजली आपूर्ति के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना ना घटे इसके लिए तमाम प्रबंध सुनिश्चित किए जाए।
स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश उनके द्वारा दिए गए है प्रत्येक टीम में चार-चार सदस्य शामिल होंगे। इसी प्रकार प्रत्येक थाना स्तर पर होमगार्ड विभाग के द्वारा पांच सदस्यीय टीम तैनात की जाएगी जिसमें कुशल तीन गोताखोर एवं दो उनके सहयोगी शामिल होंगे। बाढ की सूचनाएं प्राप्ति हेतु ग्राम स्तर पर ही सम्पर्क दल गठित किए जाएंगे। इस कार्य में ग्राम सुरक्षा समितियों का भी सहयोग लिया जाएगा।
अपर कलेक्टर श्री सिंह ने सभी अधिकारियों से कहा कि बाढ़ नियंत्रण हेतु जिला स्तर पर बनाई जाने वाली कार्ययोजना को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए जिसमें पूर्व वर्षो के बाढ़ प्रभावी क्षेत्रों में किए गए प्रबंधो को आधार बनाया जाए। उन्होंने इस प्रकार की टीमे तहसील स्तर पर भी गठित करने के निर्देश दिए है। अपर कलेक्टर ने कहा कि टीमवर्क की भावना से आपदा प्रबंधन के कार्यो का क्रियान्वयन किया जाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में बाढ आती है तो उस क्षेत्र के प्रभावितों के लिए ठहरने, दवाईयां, पेयजल आपूर्ति के अलावा अन्य बुनियादी सुविधाओं की पूर्ति हेतु कार्ययोजनाओं में स्पष्ट रूप से चिन्हांकन किया जाए।
अपर कलेक्टर श्री सिंह ने कि हर विभाग की अपनी टीम अपने आप तैयार रहें ताकि आवश्यकता पड़ने पर जैसे ही सूचना प्राप्त हो अविलम्ब मोर्चे पर डंट जाए। जिला मुख्यालय के साथ-साथ ग्राम स्तर पर किए जाने वाले आपदा प्रबंधन के संबंध में उनके द्वारा बिन्दुवार समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की सड़के है उन विभागों के अधिकारियों का नैतिक दायित्व है कि वे सड़कों में पड़ने वाली पुल-पुलियों पर संकेतक चिन्हों को लगवाएं और पुल-पुलियो के दोनो तरफ कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करते हुए बैरियर अवश्य स्थापित कराए जाएं।
बाढ़ आपदा प्रबंधन पर आधारित महत्वपूर्ण जानकारियां एवं पूर्व तैयारियों और राहत बचाव के संबंध में विभागों की एकजाई जानकारी संग्रहित की जाए और जिसकी प्रतियां सभी विभागों के अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि हर विभाग के नोड्ल अधिकारी एवं उसके सहायक नोड्ल अधिकारी का नाम एवं सम्पर्क नम्बर खण्ड स्तरीय कंट्रोल रूम में अनिवार्य रूप से दर्ज कराया जाए। उन्होंने स्थानीय स्थल के गोताखोरो की सूची तैयार कर एक प्रति जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने की बात कही।
अपर कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि विदिशा नगर क्षेत्र में बेतवा नदी और वर्षारूपी जल बस्तियों में भर जाता है जिसका चिन्हांकन पूर्व में किया जा चुका है। इसके अलावा और नए क्षेत्रों में जलभराव की संभावना हो तो उसकी सूची तैयार की जाए।
वर्षाकाल के दौरान अनुविभाग क्षेत्र के सभी अधिकारी कर्मचारी समन्वय स्थापित कर एक दूसरे से सतत सम्पर्क बनाए रखेंगे। जिला मुख्यालय के साथ-साथ सभी तहसीलों में कंट्रोल रूम बनाए जाए। जिनके नम्बर अधिक से अधिक प्रसारित किए जाएं। कंट्रोल रूम को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने हेतु नाम दर्ज अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए।
अपर कलेक्टर श्री सिंह के द्वारा जल संसाधन विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले में छोटे बडे सभी बांधों, तालाबो में जल भराव के उपरांत बेस्ट वेयर गेट खोले जाते है तो उसकी सूचना पूर्व में निचले स्तरों पर दी जाए ताकि बेस्ट वेयर के जल से प्रभावित होने वाला क्षेत्र के रहवासियों को सतर्क किया जा सकें। इसी प्रकार भोपाल के कलिया सोद डेम का पानी छोडे जाने से बेतवा नदी में जल भराव अधिक हो जाने के कारण बाढ जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है अतः भोपाल के संबंधित अधिकारियों से सतत सम्पर्क बनाए रखे और उनके द्वारा डेेम से पानी छोडे जाने की सूचनाएं पूर्व में ही प्राप्त की जाए।
अपर कलेक्टर श्री सिंह ने ऊर्जा विभाग के अधिकारी से कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक जगह डीपी खुली हुई है। अतः वर्षाकाल के दौरान बिजली आपूर्ति के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना ना घटे इसके लिए तमाम प्रबंध सुनिश्चित किए जाए।
स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश उनके द्वारा दिए गए है प्रत्येक टीम में चार-चार सदस्य शामिल होंगे। इसी प्रकार प्रत्येक थाना स्तर पर होमगार्ड विभाग के द्वारा पांच सदस्यीय टीम तैनात की जाएगी जिसमें कुशल तीन गोताखोर एवं दो उनके सहयोगी शामिल होंगे। बाढ की सूचनाएं प्राप्ति हेतु ग्राम स्तर पर ही सम्पर्क दल गठित किए जाएंगे। इस कार्य में ग्राम सुरक्षा समितियों का भी सहयोग लिया जाएगा।

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