*✒बिर्रा-जाकों राखे साईयां मार सके ना कोय.....यह कहावत उस वक्त साहू परिवार सरवानी के लिए मिसाल बन गया जब तेज रफ्तार कार सीजी 07 ए डब्ल्यू 8274 में सरवानी के नानदेव साव परिवार मिस्दा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा श्रवण कर देर रात 09 बजे वापस लौट रहे थे जिसमें दो महिला और चालक सहित दो पुरूष सवार थे।बिर्रा-तालदेवरी के बीच अनियंत्रित होकर बरगद पेड से टकराकर पलट गई।घटना के बाद पिछला दरवाजा खोलकर सभी बाहर निकले।इसे चमत्कार कहें या अखंड ब्रम्हांड श्रीकृष्ण की कृपा किसी को खरोच तक नही आई।बाद में अन्य वाहन से सभी घर पहुंचे।सुबह घटनास्थल पर जाकर हमारी टीम पहुंची तो आश्चर्य हो गए कि इतनी बडी दुर्घटना के बाद भी भगवान ने उन्हें सुरक्षित रखा।इस पर उनके लिए भागवत कृपा को ही आधार माना जा सकता है।*


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