*✒बिर्रा- जांजगीर चांपा जिले के बम्हनीडीह विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गतवा में वैसे तो कई मूलभूत सुविधाओं का अभाव है पर सबसे बडी समस्या है जब किसी की मृत्यु हो जाती है तो उनका अंतिम संस्कार हसदेव नदी तट पर खुले आसमान के नीचे चिता बनाकर अग्निदाह किया जाता है।यह समस्या लोगों को और परेशानी में डाल देता जब किसी का निधन बरसात या गर्मी में हो।आज सरकार ने हर गांव में अंतिम सफर छत के नीचे हो इस उद्देश्य से मुक्तिधाम और लोगों के बैठने के लिए छतदार चबुतरे का निर्माण कराया गया है।परंतु पूर्व में बोरसी पंचायत के आश्रित ग्राम गतवा में सरपंच दयाराम साहू द्वारा सन् 2004-05 में मुक्तिधाम बनवाया गया था।बाद में सरपंच बोरसी रोहित चंद्रा द्वारा यहां मुक्तिधाम मरम्मत भी करवाया गया था।उसके बाद जब ग्राम पंचायत गतवा को पूर्ण पंचायत का दर्जा मिला तो वर्तमान सरपंच खीकराम केंवट ने तुडवाकर नया बनाने प्रस्ताव भेजने की बात कही पर पिछले चार सालों में मुक्तिधाम नही बनने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड रहा है।इस संबंध में ग्रामीण रामाधार केंवट का कहना है कि गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर खुले आसमान के नीचे शवदाह किया जाता है।जब बारिश होती है तो बडी मुश्किल से लाश जलता है।वही गर्मी समय धूप में ग्रामीण परेशान हो जाते है।ग्रामीण छतराम केंवट ने बताया कि गांव का सरपंच इस ओर ध्यान नही देता जिससे लोगों को बडी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।*
*वर्जन*
*इस संबंध में सरपंच खीकराम केंवट का कहना है कि मुक्तिधाम जर्जर हो चुका था इस कारण तुडवाया गया है।नया मुक्तिधाम व प्रतिक्षालय के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है।पास होते ही काम शुरू किया जाएगा।*


0 टिप्पणियाँ