शिवपुरी - वफादारी की मिसाल: मालिक की मौत के बाद साया बनकर साथ रहा पालतू कुत्ता, नम हो गईं आंखेंकिताबों और फिल्मों में इंसान और जानवर के बीच प्रेम व वफादारी की कहानियाँ अक्सर सुनने को मिलती हैं, लेकिन शिवपुरी जिले से सामने आई यह सच्ची घटना हर संवेदनशील इंसान की आंखें नम कर देने वाली है।मध्य प्रदेश के करैरा थाना क्षेत्र के ग्राम बडोरा में एक पालतू कुत्ते ने अपने मालिक के प्रति ऐसी वफादारी दिखाई, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो उठा।
मालिक ने लगाई फांसी, कुत्ता बना अंतिम पहरेदार -
ग्राम बडोरा निवासी जगदीश प्रजापति (उम्र 40 वर्ष) ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब परिजनों को इस दर्दनाक घटना का पता चला, तब एक मार्मिक दृश्य सामने आया। मृतक का पालतू कुत्ता पूरी रात अपने मालिक के शव के पास बैठा रहा, मानो अंतिम पहरा दे रहा हो।
चार किलोमीटर तक दौड़ता रहा, नहीं छोड़ा साथ -
जब शव को पोस्टमार्टम के लिए करैरा ले जाया गया, तो कुत्ता ट्रैक्टर-ट्रॉली के पीछे करीब चार किलोमीटर तक दौड़ता रहा। आखिरकार परिजनों को उसे ट्रॉली में बैठाना पड़ा।
पोस्टमार्टम हाउस में भी वह पूरे समय साथ रहा और पीएम के बाद शव के साथ वापस लौटा।
अंतिम संस्कार तक निभाई वफादारी -
सबसे हृदयविदारक दृश्य तब देखने को मिला, जब अंतिम संस्कार के समय भी कुत्ता वहीं मौजूद रहा। इस पूरे समय उसने न कुछ खाया, न कुछ पिया—बस अपने मालिक के आसपास बैठा रहा, जैसे उसे छोड़ने का मन ही न हो।
पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जानवरों का प्रेम और वफादारी निस्वार्थ होती है। ग्राम बडोरा का यह पालतू कुत्ता आज पूरे क्षेत्र में वफादारी और भावनाओं की जीवंत मिसाल बन गया है।

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