योगेन्द्र जैन, पोहरी। आज के दौर में बेरोजगारी इस कदर बढ़ गई कि युवा नौकरी पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। युवाओं की बेरोजगारी का फायदा कुछ शातिर लोग उठाकर उनके साथ धोखाधड़ी कर लेते हैं। इसी तरह शिवपुरी के रहने वाले एक युवक से जनवेद धाकड़ निवासी महेशपुर ने ग्वालियर न्यू कलेक्ट्रेट में चपरासी की नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपए ठग लिए। पीडि़तों के अनुसार जनवेद अपने आपको न्यू ग्वालियर कलेक्ट्रेट में पूर्व में पदस्थ एडीएम का भांजा बताता है। जनवेद ने पीडि़तों को गुमराह करने के लिए खाते में 8600 रुपए जून माह की तनख्वाह भी डलवा दी। जब ज्वाइनिंग नहीं हुई तो युवक को फर्जीवाड़े का पता चला इसके बाद युवक ने जनवेद से पैसे वापस करने की मांग तो जनवेद ने युवक को चैक दिए पर खाते में पैसे नही थे।
सुभाषपुरा निवासी जसवंत धाकड़ पुत्र सोनेराम धाकड़ के अनुसार उसके पास जनवेद धाकड़ निवासी महेशपुर थाना गोपालपुर शिवपुरी का फोन आया था कि ग्वालियर के न्यू कलेक्ट्रेट में चपरासी की नौकरी निकली हैं, जहां मेरे मामा एडीएम हैं इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। जनवेद ने जसवंत से नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपए का सौदा किया। इसके बाद जसवंत ने तीन लाख रुपए जनवरी माह में जनवेद को दे दिए। पर जनवेद ने युवक से 3 लाख रुपए ऐंठ लिए। अब पीडि़त युवक अपने पैसे वापिसी के लिए दर-दर की ठोंकरें खाते फिर रहे हैं।
ज्वाइनिंग लेटर भेजा पर ज्वाइनिंग नहीं कराई
जनवेद ने पीडि़तों को नौकरी का ज्वाइनिंग लेटर भी दे दिया जिस पर एक माह बाद ज्वाइनिंग करने की बात लिखी थी। यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह ज्वाइनिंग लेटर कलेक्ट्रेट से फर्जी तरीके से जारी कराया गया था या फिर जनवेद ने खुद ही तैयार किया था।
ज्वाइनिंग कराने के लिए ग्वालियर में ही लिया किराए से कमरा
जसवंत ने बताया कि जब जनवेद ने दो-तीन माह उन्हें गुमराह किया तो वह ग्वालियर में कम्पू पर रामनारायण कॉम्प्लेक्स में फोर्थ फ्लोर पर स्थित जसंवत के ऑफिस जाने लगे और ज्वाइंनिग कराने के लिए कहने लगे। जब रोज रोज शिवपुरी से अपडाउन करने के बाद युवक परेशान हो गए तो उन्होंने ग्वालियर में ही कमरा किराये से ले लिया और प्रतिदिन जनवेद के कार्यालय जाने लगे। जनवेद ने एक बार फिर युवक को गुमराह करने का प्रयास करते हुए कहा कि जब तक एडीएम साहब हैं तुम्हें नौकरी पर जाने की आवश्यकता नहीं है तुम्हारी तनख्वाह वैसे ही आ जाएगी।
फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो थमाए चैक
जसवंत ने बताया कि जब उन्हें इस बात का अंदाजा होने लगा कि हमारे साथ धोखाधड़ी हुई तो हमने अपने पैसे वापस मांगे तो जनवेद ने मुझे 2 लाख 56 हजार रुपए का चैक दे दिए और कहा कि अपने बैंक में जमा कर दो तुम्हारे खाते में रुपए आ जाएंगे। जब हमने इन चैकों को लगाया तो बैक वालो ने वापिस कर दिया कि खाते में पैसे नही है ।
अन्य लोग भी हो चुके हैं ठगी का शिकार
जसवंत ने बताया कि जब उन्होंने जनवेद के गांव में जाकर उसकी हकीकत जानी तो ग्रामीणों ने बताया कि वह तो इसी तरह से लोगों के साथ धोखाधड़ी करता है और कई लोगों के साथ भी वह इस तरह की धोखाधड़ी कर चुका है। खाते में पैसे न होने के बाद जब पीडि़तों ने जनवेद से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका लगातार फोन बंद जा रहा है।
इनका क्या कहना है
मुझे से एडीएम के भांजे ने नौकरी के नाम पर 3 लाख रुपये लिए,बुला आपकी नौकरी लगवा दूँगा,पर आज दिनांक तक मुझे नौकरी नही मिली
जसवंत धाकड़ पीड़ित
मुझे इस मामले में कोई जानकरी नही है आदेश में जारी नही करता हूँ और मेरे भांजे से मेरा कोई लेना देना नही है
शिवराज वर्मा
अपर आयुक्त आबकारी विभाग ग्वालियर
0 टिप्पणियाँ