उत्तर प्रदेश का औरैया 2 हिन्दू पुजारियों की हत्या के बाद से उबल पड़ा है .. इस मामले में समाजवादी पार्टी के नेता का नाम गौ हत्यारो से जुड़ने के बाद मामला और भी ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है .. स्थानीय पुलिस बल के खिलाफ तो जनता आक्रोशित थी ही लेकिन इस मामले में सबसे बड़ा पहलू तब सामने आया जब वहां पत्रकारों पर भी भीड़ ने हमला बोल दिया और उन्हें जैसे तैसे पुलिस के सहारे बच कर निकलना पड़ा ..
इस मामले में सबसे ज्यादा आक्रोश जनता का मीडिया के ऊपर दिखा .. मीडिया के कई वर्गों में आये दिन गौ सेवको को गुंडा आदि बताने और गौ हत्यारो को मासूम बताने की होड़ मची रहती थी जिसके चलते वहाँ की जनता आक्रोशित हो उठी थी .. जिस प्रकार सन्तों को हाथ पैर बांध कर मारा गया उसकी सुई सीधे सीधे गौ हत्यारो पर घूम रही है लेकिन रकबर और अलीनुद्दीन के लिए 24 घण्टे सक्रिय मीडिया का एक खास वर्ग जब 2 सन्तों की क्रूरतम अंदाज़ में हुई हत्या पर वो सहानुभूति नही दिखाया तो जनता आक्रोशित हो गयी ..
हैरानी की बात ये है कि अब तक तथाकथित धर्मनिरपेक्ष समाज, मानवतावादी व मानवाधिकार वादियों के द्वारा एक भी शब्द इस मामले में नही बोला गया जो जनता के असन्तोष का एक और बड़ा कारण बनता जा रहा है ..फिलहाल इस मामले में पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ रही इस असन्तोष को दबाने में ..
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