शिवपुरी नगरपालिका में लम्बे समय से भृस्टाचार की लड़ाई लड़ रहे जन प्रति निधियों ने हार मानकार आज अपना इस्तीफा शिवपुरी कलेक्ट्रट में दे दिया है हलाकि हम आप को वता दे की पूर्व में 18 जनप्रतिनिधियों ने अविश्वास के लिए भी प्रयास किया लेकिन राजनीति के चलते बह विफल हो गए इस्तीफा देनेक से पहले सभी पार्षद माधव चौक स्थित हनुमान मंदिर पर जमा हुए। यहां से डीजे के साथ जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। रास्ते भर लोगों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। डीजे पर देशभक्ति गीत बजते रहे। कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सभी पार्षदों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंपा
पार्षदों ने कहा- जब अध्यक्ष को हटाने का प्रयास असफल रहा तो अब त्यागपत्र देकर अपनी प्रतिज्ञा को पूरा करना उनका कर्तव्य है। इस्तीफा सौंपने वालों में 12 भाजपा, 2 निर्दलीय, 4 कांग्रेस के पार्षद हैं।
दरअसल, 11 जून के 22 पार्षदों ने करैरा स्थित बगीचा सरकार मंदिर में नगरपालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को पद से हटाने की सौगंध ली थी। मान्यता है कि यहां जो कसम खाई जाती है, वो टूटती नहीं है। अगर कसम टूटी तो कोढ़ जैसी बीमारी होती है। मान्यता के तहत पार्षदों ने इसी से बचने के लिए इस्तीफा दिया है।
अध्यक्ष के खिलाफ इन पार्षदों का इस्तीफा
इस्तीफा देने वालों में नगर पालिका उपाध्यक्ष सरोज रामजी व्यास, भाजपा पार्षद विजय शर्मा, राजा यादव, ताराचंद राठौर, रीना कुलदीप शर्मा, ओमप्रकाश जैन ओमी, नीलम अनिल बघेल, सरोज महेन्द्र धाकड़, प्रतिभा गोपाल शर्मा, मीना पंकज शर्मा, कांग्रेस पार्षद मोनिका सीटू सरैया, संजय गुप्ता, ममता बाईसराम धाकड़, कमलाकिशन शाक्य, रितु जैन, निर्दलीय राजू गुर्जर और गौरव सिंघल शामिल हैं। इसके अलावा रितु रत्नेश जैन ने अलग से इस्तीफा दिया है।
कलेक्टर के इंतजार में हनुमान चालीसा पढ़ा
कार्यालय में कलेक्टर मौजूद नहीं थे। पार्षदों ने उनका इंतजार किया। इस दौरान सभी ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस्तीफा देने के दौरान वार्ड-20 की कई महिलाएं भी वहां पहुंचीं और पार्षद विजय शर्मा को इस्तीफा देने से रोकने का प्रयास किया।
कलेक्टर नहीं मिले, ADM को सौंपा त्यागपत्र
ज्ञापन लेने के लिए कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी से जब पार्षदों ने फोन पर चर्चा की तो उन्होंने जिले से बाहर होना बताया। इसके बाद एडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला को सभी पार्षदों ने अपना-अपना इस्तीफा सौंपा। एडीएम ने कहा कि इस्तीफे के बाद की कार्यवाही कलेक्टर करेंगे।
पार्षदों ने कहा- जब अध्यक्ष को हटाने का प्रयास असफल रहा तो अब त्यागपत्र देकर अपनी प्रतिज्ञा को पूरा करना उनका कर्तव्य है। इस्तीफा सौंपने वालों में 12 भाजपा, 2 निर्दलीय, 4 कांग्रेस के पार्षद हैं।
दरअसल, 11 जून के 22 पार्षदों ने करैरा स्थित बगीचा सरकार मंदिर में नगरपालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को पद से हटाने की सौगंध ली थी। मान्यता है कि यहां जो कसम खाई जाती है, वो टूटती नहीं है। अगर कसम टूटी तो कोढ़ जैसी बीमारी होती है। मान्यता के तहत पार्षदों ने इसी से बचने के लिए इस्तीफा दिया है।
अध्यक्ष के खिलाफ इन पार्षदों का इस्तीफा
इस्तीफा देने वालों में नगर पालिका उपाध्यक्ष सरोज रामजी व्यास, भाजपा पार्षद विजय शर्मा, राजा यादव, ताराचंद राठौर, रीना कुलदीप शर्मा, ओमप्रकाश जैन ओमी, नीलम अनिल बघेल, सरोज महेन्द्र धाकड़, प्रतिभा गोपाल शर्मा, मीना पंकज शर्मा, कांग्रेस पार्षद मोनिका सीटू सरैया, संजय गुप्ता, ममता बाईसराम धाकड़, कमलाकिशन शाक्य, रितु जैन, निर्दलीय राजू गुर्जर और गौरव सिंघल शामिल हैं। इसके अलावा रितु रत्नेश जैन ने अलग से इस्तीफा दिया है।
कलेक्टर के इंतजार में हनुमान चालीसा पढ़ा
कार्यालय में कलेक्टर मौजूद नहीं थे। पार्षदों ने उनका इंतजार किया। इस दौरान सभी ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस्तीफा देने के दौरान वार्ड-20 की कई महिलाएं भी वहां पहुंचीं और पार्षद विजय शर्मा को इस्तीफा देने से रोकने का प्रयास किया।
कलेक्टर नहीं मिले, ADM को सौंपा त्यागपत्र
ज्ञापन लेने के लिए कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी से जब पार्षदों ने फोन पर चर्चा की तो उन्होंने जिले से बाहर होना बताया। इसके बाद एडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला को सभी पार्षदों ने अपना-अपना इस्तीफा सौंपा। एडीएम ने कहा कि इस्तीफे के बाद की कार्यवाही कलेक्टर करेंगे।
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