शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में शनिवार सुबह एक और बाघिन को खुले जंगल में छोड़ दिया गया। बांधवगढ़ से लाई गई इस बाघिन को सुबह करीब 9 बजे रिजर्व के मध्य क्षेत्र में सफलतापूर्वक रिलीज किया गया। इसके साथ ही माधव टाइगर रिजर्व में अब बाघों की कुल संख्या बढ़कर 8 हो गई है।
प्रबंधन के अनुसार वर्तमान में रिजर्व में 4 मादा बाघ, 2 नर बाघ और 2 शावक मौजूद हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले सितंबर माह में बाघिन MT-3 ने दो शावकों को जन्म दिया था, जिससे रिजर्व में बाघों की आबादी को मजबूती मिली थी।
जानकारी के मुताबिक, यह बाघिन बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाई गई थी और सभी आवश्यक निगरानी व सुरक्षा इंतजामों के बीच उसे जंगल में छोड़ा गया।
27 साल बाद शुरू हुआ था बाघों का पुनर्वास -
गौरतलब है कि करीब 27 साल के अंतराल के बाद 10 मार्च 2023 को माधव नेशनल पार्क में बाघों का पुनर्वास शुरू हुआ था। उस समय केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक नर और एक मादा बाघ को जंगल में छोड़ा था। इसके बाद एक और मादा बाघ को छोड़ा गया और कुछ ही समय में माधव को टाइगर रिजर्व का दर्जा प्राप्त हुआ।
इसके बाद 10 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा एक और बाघिन को छोड़ा गया था। वहीं अप्रैल माह में ‘तांडव’ नाम के नर बाघ को रिजर्व में बसाया गया।
पर्यटन और व्यापार को मिल रही रफ्तार -
टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद माधव टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके साथ ही पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है। बड़े-बड़े नामी होटल समूह और टूरिज्म एजेंसियां यहां होटल और रिसॉर्ट विकसित कर रही हैं, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

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