जिले के विकासखण्ड शिवपुरी, कोलारस, बदरवास, पोहरी, नरवर, करैरा, पिछोर एवं खनियाधाना की ग्राम पंचायतों में उपसरपंचों के निर्वाचन हेतु सम्मिलन 16 जनवरी को आयोजित किए जाएगें। मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 17 की उप धारा (5) में ग्राम पंचायत के उपसरपंच के निर्वाचन संबंधी प्रावधान दिये गये हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रवीन्द्र कुमार चौधरी ने मध्यप्रदेश पंचायत (उप सरपंच, अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष) निर्वाचन नियम 1995 एवं पंचायत निर्वाचन 2020 की मार्गदर्शिका के तहत ग्राम पंचायत के उप सरपंच के निर्वाचन के लिए उपखण्ड अधिकारी (राजस्व), सक्षम प्राधिकारी घोषित किया है। सक्षम प्राधिकारी उपसरपंच का निर्वाचन करने के लिए ग्राम पंचायत का सम्मिलन बुलायेगा और उपधारा (7) के उपबंधो के अधीन रहते हुये, इस प्रकार बुलाये गये सम्मिलन में निर्वाचित पंचों में से जो सहकारी सोसायटी के सभापति या संसद के किसी भी सदन का सदस्य या राज्य विधान सभा का सदस्य नहीं है, एक उप सरपंच का निर्वाचन किया जायेगा। संविधान की (पांचवी अनुसूची) अनुसूची क्षेत्रों में सरपंच या अध्यक्ष के समस्त पद अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं। यदि ग्राम पंचायत का सरपंच अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों या पिछड़े वर्गों का नहीं है, तो उपसरपंच ऐसी जातियों या ऐसी जनजातियों या ऐसे वर्गों के पंचों में से निर्वाचित किया जाएगा। आयोग के संदर्भित पत्र में उल्लेखित अनुसार पंचायतों के उप निर्वाचन 2025 (उत्तरार्द्ध) में पंच पदों के निर्वाचन परिणाम की घोषणा 5 जनवरी 2026 को हो जाने एवं जिले में पूर्व से उपसरपंच के पद रिक्त हो तो उन पदों को वर्तमान के रिक्त पदों में सम्मिलित करते हुये रिक्त उपसरपंच के पदों के निर्वाचन हेतु निर्वाचित पंचो का सम्मिलन 16 जनवरी 2026 को बुलाए जाने के निर्देश दिये गये है। संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देशित किया है कि आपके क्षेत्रांतर्गत जिस ग्राम पंचायत में उपसरपंच का पद रिक्त हो वहाँ उपरोक्त नियम एवं प्रावधान अंतर्गत नियत दिनांक को सम्मिलन आहुत कर एवं सम्मिलन हेतु पीठासीन अधिकारी नियुक्त कर, प्रत्येक पीठासीन अधिकारी को पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जाकर, उपसरपंच के निर्वाचन की कार्यवाही पूर्ण कराई जाए एवं कृत कार्यवाही का पालन प्रतिवेदन इस कार्यालय को भिजवाना सुनिश्चित करें।

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